तमिलनाडु में दिव्यांगजनों ने अपनी मासिक वित्तीय सहायता बढ़ाने और सभी पंजीकृत लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने की मांग को लेकर तिरुनेलवेली और तेनकासी में विरोध प्रदर्शन किया।

  • दिव्यांगजनों ने वर्तमान ₹1,500-₹2,000 की सहायता को अपर्याप्त बताया।
  • मासिक सहायता को दिव्यांगता की प्रकृति के आधार पर ₹6,000 से ₹15,000 तक करने की मांग।
  • विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली और तेनकासी में सोमवार को दिव्यांगजनों के एक समूह ने अपनी वित्तीय मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। वन्नारपेट में आयोजित इस 'रोड रोको' आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार से मासिक वित्तीय सहायता में तत्काल वृद्धि की मांग करना था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्तमान में दी जा रही सहायता राशि अत्यंत कम है और यह बढ़ती महंगाई के दौर में जीवन यापन के लिए अपर्याप्त है।

तमिलनाडु एसोसिएशन फॉर द राइट्स ऑफ ऑल टाइप्स ऑफ डिफ़रेंटली एबल्ड एंड केयरगिवर्स के पदाधिकारी पेरुमल ने बताया कि वर्तमान में दी जाने वाली ₹1,500 से ₹2,000 की राशि 'तुच्छ' है। उन्होंने मांग की कि सहायता राशि को दिव्यांगता की गंभीरता और प्रकृति के आधार पर ₹6,000, ₹10,000 और ₹15,000 के स्तर तक बढ़ाया जाना चाहिए, जैसा कि भारत के कुछ अन्य राज्यों में पहले से ही लागू है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विरोध प्रदर्शन केवल वित्तीय मांग नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेश और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का मुद्दा है। पिछले चार वर्षों से सहायता राशि में कोई बदलाव न होना सरकारी तंत्र की संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है। यदि राज्य सरकार इन मांगों को अनसुना करती है, तो भविष्य में बड़े पैमाने पर नागरिक असंतोष देखने को मिल सकता है।

दिव्यांगों के लिए वित्तीय सहायता केवल एक सब्सिडी नहीं, बल्कि समाज में उनकी आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने का एक अनिवार्य साधन है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसी तरह, तेनकासी में जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे 52 दिव्यांगजनों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में दिव्यांगों के लिए सहायता राशि का निर्धारण केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग किया जाता है। कई कल्याणकारी राज्यों ने पिछले दशक में सहायता राशि में महत्वपूर्ण वृद्धि की है, जिससे दिव्यांगजनों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। हालांकि, तमिलनाडु जैसे राज्यों में यह मांग लंबे समय से लंबित है।

Did You Know?: भारत में 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' दिव्यांगों के अधिकारों और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: प्रदर्शनकारी कितनी सहायता राशि की मांग कर रहे हैं?
उत्तर: वे दिव्यांगता के प्रकार के आधार पर ₹6,000 से ₹15,000 प्रति माह की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न 2: वर्तमान में सरकार कितनी सहायता प्रदान करती है?
उत्तर: वर्तमान में सहायता राशि ₹1,500 से ₹2,000 के बीच है।