तमिलनाडु सरकार ने पंजीकरण विभाग में बड़े सुधारों की घोषणा की है, जिसमें 25 मॉडल हब और बिना भौतिक उपस्थिति के पंजीकरण की सुविधा शामिल है। मंत्री डी. लोगेश तमिलसेल्वन ने विधानसभा में इन महत्वपूर्ण बदलावों का विवरण दिया।

  • 25 नए मॉडल पंजीकरण हब स्थापित किए जाएंगे।
  • बैंक ऋण दस्तावेजों के लिए 'प्रेजेंस-लेस' (बिना उपस्थिति) पंजीकरण 15 सितंबर से शुरू होगा।
  • पंजीकरण सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए 'कहीं से भी पंजीकरण' (Engirundhum Pathivu) का विस्तार किया जाएगा।
  • पंजीकरण कार्यालयों के कार्यभार को कम करने के लिए उन्हें तर्कसंगत बनाया जाएगा।

तमिलनाडु के वाणिज्यिक कर और पंजीकरण मंत्री डी. लोगेश तमिलसेल्वन ने सोमवार को विधानसभा में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि राज्य का पंजीकरण विभाग अब पूरी तरह से डिजिटल और सुव्यवस्थित होने जा रहा है। सरकार का लक्ष्य पंजीकरण सेवाओं को तेज, पारदर्शी और जनता के लिए अधिक सुलभ बनाना है। इसके तहत, प्रत्येक राजस्व मंडल में केवल एक उप-पंजीयक कार्यालय संचालित करने का प्रस्ताव है ताकि कार्यभार का उचित वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

इस सुधार योजना के केंद्र में 25 मॉडल पंजीकरण हब का निर्माण है। ये हब एक ही छत के नीचे पंजीकरण से संबंधित विभिन्न सेवाएं प्रदान करेंगे। पहले चरण में वेल्लोर, मध्य चेन्नई, दक्षिण चेन्नई, चेंगलपट्टू और कोयंबटूर (उत्तर) को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उच्च मात्रा में पंजीकरण करने वाले 25 उप-पंजीयक कार्यालयों को आधुनिक उपकरण और बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण निवेश किया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम न केवल सरकारी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश को भी न्यूनतम करेगा। 'प्रेजेंस-लेस' पंजीकरण प्रणाली के आने से नागरिकों को लंबी लाइनों और कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी, जिससे 'ईज ऑफ लिविंग' में सुधार होगा।

डिजिटल पंजीकरण की ओर यह कदम तमिलनाडु को प्रशासनिक सुधारों में देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा कर देगा।

तकनीकी नवाचार की बात करें तो, 15 सितंबर, 2026 से बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में निष्पादित ऋण संबंधी दस्तावेजों का पंजीकरण 'प्रेजेंस-लेस' प्रणाली के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके बाद, 15 अक्टूबर, 2026 से पारिवारिक व्यवस्था, बंटवारा और सेटलमेंट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए भी भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी।

इसके अलावा, 'Engirundhum Pathivu' (कहीं से भी पंजीकरण) प्रणाली का विस्तार राज्य के 100 उप-पंजीयक कार्यालयों तक किया जाएगा। इससे लोगों को अपने स्थानीय कार्यालय तक यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पारंपरिक रूप से, भारत में भूमि और संपत्ति का पंजीकरण एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया रही है, जिसके लिए व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य थी। तमिलनाडु अब इस बाधा को तोड़कर डिजिटल युग की ओर कदम बढ़ा रहा है, जो अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकता है।

Did You Know?: 'Engirundhum Pathivu' का अर्थ है कि आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी कार्यालय से पंजीकरण करा सकते हैं, चाहे आपकी संपत्ति कहीं भी स्थित हो।

Frequently Asked Questions

1. 'प्रेजेंस-लेस' पंजीकरण क्या है?
यह एक ऐसी प्रणाली है जिसमें आपको पंजीकरण के लिए उप-पंजीयक कार्यालय में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होती है।

2. मॉडल पंजीकरण हब कहाँ शुरू किए जाएंगे?
पहले चरण में वेल्लोर, चेन्नई (मध्य और दक्षिण), चेंगलपट्टू और कोयंबटूर (उत्तर) में ये हब शुरू होंगे।