भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने आंध्र प्रदेश सरकार पर विजयवाड़ा शहर की उपेक्षा करने और फंड रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने मांग की है कि विजयवाड़ा का विकास अमरावती के समान प्राथमिकता पर किया जाए।

  • CPI(M) ने विजयवाड़ा नगर निगम (VMC) के गंभीर वित्तीय संकट और ठेकेदारों के बकाया बिलों का मुद्दा उठाया।
  • आरोप है कि विजयवाड़ा से एकत्र किए गए करों को राज्य सरकार द्वारा अन्य कार्यों में डायवर्ट किया जा रहा है।
  • पार्टी ने बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और पेयजल जैसी नागरिक सेवाओं के गिरते स्तर पर चिंता जताई।

विजयवाड़ा के गवर्नरपेट स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, CPI(M) के राज्य सचिवालय सदस्य सी.एच. बाबू राव और राज्य समिति सदस्य डी. काशीनाथ ने आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विजयवाड़ा के विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे शहर की प्रगति पूरी तरह रुक गई है।

पार्टी नेताओं ने खुलासा किया कि विजयवाड़ा नगर निगम (VMC) वर्तमान में एक गहरे वित्तीय संकट से जूझ रहा है। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदारों के सैकड़ों करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण विकास कार्य बीच में ही रुक गए हैं। इस स्थिति ने ठेकेदारों को हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर किया है और नई निविदाओं (tenders) के प्रति प्रतिक्रिया नगण्य रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि विजयवाड़ा और अमरावती के बीच विकास का असंतुलन एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदल सकता है। यदि शहर का आर्थिक केंद्र कमजोर होता है, तो इसका सीधा असर राज्य की जीडीपी और शहरी प्रवासन पर पड़ेगा। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक उपेक्षा का संकेत हो सकता है।

पार्टी ने मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के उन वादों पर सवाल उठाए जिनमें उन्होंने विजयवाड़ा को अमरावती के साथ विकसित करने की बात कही थी। नेताओं का आरोप है कि शहर के लिए पर्याप्त धन जारी नहीं किया गया है और स्थानीय निकायों से वसूले गए करों को राज्य सरकार द्वारा समय पर जारी नहीं किया जा रहा है।

"जब बुनियादी नागरिक सेवाओं का पतन होता है और भ्रष्टाचार बढ़ता है, तो वह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही का अभाव होता है।"

इसके अतिरिक्त, CPI(M) ने सत्ताधारी गठबंधन के प्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक नेता नए निर्माण कार्यों के लिए निवासियों से ₹10,000 से ₹10 लाख तक की अवैध वसूली कर रहे हैं। साथ ही, गरीबों के लिए बने घरों के दुरुपयोग और खाली जमीनों पर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया गया।

बैठक में स्थानीय निवासियों द्वारा बिजली शुल्क में वृद्धि, हाउस टैक्स के बोझ और दूषित पेयजल जैसी समस्याओं पर चर्चा की गई। पार्टी ने याद दिलाया कि जब कम्युनिस्ट नागरिक निकाय के प्रभारी थे, तब बिना टैक्स बढ़ाए झुग्गियों और पहाड़ी क्षेत्रों तक विकास पहुँचाया गया था।

क्या आप जानते हैं?: विजयवाड़ा को अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है, जो कृष्णा नदी के तट पर स्थित है।

Frequently Asked Questions

1. CPI(M) की मुख्य शिकायत क्या है?
पार्टी का आरोप है कि सरकार विजयवाड़ा के विकास की अनदेखी कर रही है और नगर निगम के फंड को डायवर्ट कर रही है।

2. नगर निगम की वित्तीय स्थिति कैसी है?
आरोप है कि ठेकेदारों के करोड़ों रुपये बकाया हैं, जिससे शहर के विकास कार्य ठप हो गए हैं।