YSRCP प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने मेगा पुलिस भर्ती के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार युवाओं के खिलाफ पुलिस मामले दर्ज करने की निंदा की है और सरकार पर वादेखिलाफी का आरोप लगाया है।

  • YSRCP प्रमुख ने 20 से अधिक पुलिस नौकरी चाहने वालों के खिलाफ मामलों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
  • TDP सरकार पर ₹3,000 मासिक बेरोजगारी भत्ते का वादा पूरा न करने का आरोप।
  • मेगा पुलिस भर्ती अधिसूचना को बिना किसी देरी के जारी करने की मांग।

पूर्व मुख्यमंत्री और वाई.एस.आर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में TDP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला है। X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से, जगन ने काकीनाडा में मेगा पुलिस भर्ती की अधिसूचना की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार युवाओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को बिना शर्त वापस लेने की मांग की।

श्री जगन ने विशेष रूप से श्याम, टी. राजा, एम. गंगा सुरिबाबू और राजेश सहित कई उम्मीदवारों के नाम लिए और दावा किया कि वे शांतिपूर्वक अपनी मांग रख रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नौकरी मांगना और सरकार से सवाल करना कोई आपराधिक अपराध हो सकता है, और आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को डराने-धमकाने की राजनीति कर रही है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि आंध्र प्रदेश में रोजगार का मुद्दा एक प्रमुख राजनीतिक हथियार बन गया है। ₹3,000 के मासिक बेरोजगारी भत्ते के वादे की विफलता को उजागर करके, जगन एन. चंद्रबाबू नायडू प्रशासन को अविश्वसनीय साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। 20 लाख युवाओं के लिए तीन वर्षों में ₹21,600 करोड़ की राशि का उल्लेख करना एक बड़ा नैरेटिव सेट करता है, जो भविष्य के चुनावों में युवाओं के वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है।

नौकरी की मांग करने वाले विरोध प्रदर्शनों का अपराधीकरण राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में प्रशासनिक निरंकुशता की ओर एक खतरनाक बदलाव है।

YSRCP प्रमुख ने इस कार्रवाई को मेगा DSC भर्ती से जुड़े विवादों से भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के सवालों का जवाब देने के बजाय दमन, सेंसरशिप और धमकी का सहारा ले रही है। उन्होंने दावा किया कि एक तरफ गलत तरीके से नौकरी पाने वालों को बचाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर योग्य और बेरोजगार युवा पुलिस केस झेल रहे हैं।

ऐतिहासिक रूप से, आंध्र प्रदेश की राजनीति में भर्ती पारदर्शिता को लेकर हमेशा संघर्ष रहा है। जगन ने आरोप लगाया कि जब भी TDP सत्ता में रही है, भर्ती घोटाले, प्रश्न-पत्र लीक और अनियमित नियुक्तियां आम हो गई हैं, और वर्तमान सरकार भी उसी राह पर चल रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि YSRCP बेरोजगार युवाओं के साथ खड़ा रहेगा और उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन को तेज करेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह 'युवा विरोधी' रवैया छोड़ कर तुरंत भर्ती कैलेंडर और अधिसूचना जारी करे।

क्या आप जानते हैं?: आंध्र प्रदेश में 'जॉब कैलेंडर' की मांग एक नियमित राजनीतिक मुद्दा रही है, जिसका उद्देश्य सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे लाखों स्नातकों को एक निश्चित समय सीमा प्रदान करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: काकीनाडा में युवा विरोध क्यों कर रहे हैं?
युवा मेगा पुलिस भर्ती अधिसूचना जारी करने और बेरोजगारी भत्ते के वादे को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न 2: वाई.एस. जगन ने वित्तीय रूप से क्या दावा किया है?
उनका दावा है कि सरकार 20 लाख बेरोजगार युवाओं को ₹3,000 मासिक भत्ता देने में विफल रही है, जो सालाना लगभग ₹7,200 करोड़ होता है।