कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को एपीएसएसडीसी घोटाले के आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताते हुए जनता से वाईएसआरसीपी को दोबारा न चुनने की अपील की है।

  • मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को एपीएसएसडीसी (APSSDC) घोटाले के मामले में क्लीन चिट मिली।
  • नायडू ने इस मामले में 53 दिन राजमहेंद्रवरम केंद्रीय जेल में बिताए थे।
  • मंत्री अच्चन्नायडू ने वाईएसआरसीपी सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।

आंध्र प्रदेश के कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने बुधवार को एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान घोषणा की कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू न्याय की लड़ाई जीत चुके हैं। उन्होंने कहा कि अदालत और सरकारी एजेंसियों ने कथित एपीएसएसडीसी (AP State Skill Development Corporation) घोटाले के मामले में मुख्यमंत्री को 'क्लीन चिट' दे दी है, जिससे उनके चरित्र और आचरण पर लगा हर दाग धुल गया है।

यह बयान उस घटना के ठीक तीन साल बाद आया है जब श्री नायडू को कथित ₹371 करोड़ के एपीएसएसडीसी घोटाले के connection में गिरफ्तार किया गया था। उस समय की परिस्थितियों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया था, जिसके बाद नायडू को राजमहेंद्रवरम केंद्रीय जेल में 53 दिन बिताने पड़े थे, जब तक कि उन्हें जमानत नहीं मिल गई।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल वित्तीय अनियमितताओं का नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश में सत्ता के संघर्ष और राजनीतिक प्रतिशोध का प्रतीक बन गया है। जब एक पूर्व मुख्यमंत्री को जेल भेजा जाता है, तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। नायडू की 'क्लीन चिट' न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए टीडीपी (TDP) के लिए एक मजबूत नैतिक हथियार भी है।

"राजनीतिक गिरफ्तारियां अक्सर चुनावी लाभ के लिए की जाती हैं, लेकिन जब अदालतें आरोपों को खारिज करती हैं, तो यह शासन की विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुँचाता है।"

मंत्री अच्चन्नायडू ने पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 2023 में की गई गिरफ्तारी पूरी तरह से सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण थी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि जगन मोहन रेड्डी एपीएसएसडीसी घोटाले या फंड के डायवर्जन का कोई भी सबूत पेश कर सकें, तो वे स्वयं को दंडित करने के लिए तैयार हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: एपीएसएसडीसी की स्थापना युवाओं के कौशल विकास के लिए की गई थी। 2014-2019 के बीच नायडू के कार्यकाल के दौरान इस निगम के कामकाज पर सवाल उठाए गए थे। वाईएसआरसीपी सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन आरोपों को आधार बनाकर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी, जिसे टीडीपी ने हमेशा 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया।

विवरण YSRCP का दावा TDP/अदालत का निष्कर्ष
घोटाले की राशि ₹371 करोड़ कोई सबूत नहीं मिला
कार्रवाई का आधार वित्तीय अनियमितता राजनीतिक साजिश
परिणाम गिरफ्तारी और जेल क्लीन चिट और रिहाई
क्या आप जानते हैं?: चंद्रबाबू नायडू को भारत के सबसे अनुभवी प्रशासकों में गिना जाता है, जिन्होंने हैदराबाद को एक वैश्विक आईटी हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. एपीएसएसडीसी मामला क्या था?
यह मामला आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम में कथित तौर पर ₹371 करोड़ के वित्तीय घोटाले और फंड के दुरुपयोग से संबंधित था।

2. चंद्रबाबू नायडू को कितने दिन जेल में रहना पड़ा?
नायडू को इस मामले में कुल 53 दिन राजमहेंद्रवरम केंद्रीय जेल में बिताने पड़े थे।