संगरूर में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलजार सिंह की मौत ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सवाल पूछने पर उन्हें प्रताड़ित किया गया, जबकि पुलिस ने सरपंच सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
- गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री के सामने ड्रग्स की बिक्री का मुद्दा उठाया था।
- पुलिस ने सरपंच बलजिंदर कौर सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- राहुल गांधी ने स्वतंत्र जांच और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग की है।
- NHRC ने पंजाब सरकार से दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
पंजाब के संगरूर जिले में एक दलित व्यक्ति, गुलजार सिंह की आत्महत्या का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में एक खतरनाक पैटर्न विकसित हो गया है, जहाँ सरकारी विफलताओं पर सवाल उठाने वालों को जवाब देने के बजाय धमकाया और प्रताड़ित किया जाता है।
घटनाक्रम के अनुसार, गुलजार सिंह ने एक विकास कार्यक्रम के दौरान पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने खुलेआम ड्रग्स (चिट्टा) की बिक्री का मुद्दा उठाया था। उन्होंने भावुक होकर बताया था कि उनका अपना बेटा नशे की गिरफ्त में है। आरोप है कि इस साहस के बाद पंचायत के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे तंग आकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this case transcends a local suicide; it highlights the friction between grassroots activism against the drug menace and local power structures. The involvement of a village Sarpanch and the subsequent political outcry suggest a systemic failure in protecting whistleblowers in Punjab's fight against narcotics.
"जब शासन व्यवस्था सवाल पूछने वाले नागरिक को सुरक्षा देने के बजाय उसे चुप कराने की कोशिश करती है, तो लोकतंत्र की नींव कमजोर होती है।"
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दिड़बा थाने में BNS की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गांव की सरपंच बलजिंदर कौर और उनके पति बलजीत सिंह शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक चार सदस्यीय SIT का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता पटियाला रेंज के DIG करेंगे।
इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब सरकार से पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इनक्वेस्ट रिपोर्ट सहित एक विस्तृत 'Action Taken Report' दो सप्ताह के भीतर मांगी है।
राजनीतिक माहौल तब और गरमा गया जब 8 सितंबर को कांग्रेस ने चंडीगढ़ में जोरदार प्रदर्शन किया। राजा वड़िंग के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला, जिसके बाद पुलिस ने करीब 100 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस पार्टी अब इस मामले को 'शासन की विफलता' के रूप में पेश कर रही है।
Frequently Asked Questions
1. राहुल गांधी ने इस मामले में क्या मांग की है?
राहुल गांधी ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग की है।
2. SIT में कौन-कौन शामिल है?
SIT की अध्यक्षता पटियाला रेंज के DIG कर रहे हैं, जिसमें संगरूर के SSP और पटियाला के SP (Investigation) व संगरूर के SP (Operations) शामिल हैं।