बिहार के मंत्री संतोष सुमन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मस्थान बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतिशपुर' करने का आग्रह किया है, जिससे राज्य में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।

  • मंत्री संतोष सुमन ने नीतीश कुमार के सम्मान में बख्तियारपुर का नाम 'नीतिशपुर' करने का प्रस्ताव दिया।
  • आरजेडी ने इस मांग को भाजपा की 'नाम बदलने वाली राजनीति' करार देते हुए इसकी आलोचना की।
  • नीतीश कुमार ने 2021 में ऐसी ही मांग को 'फालतू बात' कहकर खारिज कर दिया था।

बिहार की राजनीति में एक बार फिर पहचान और नामकरण का मुद्दा गरमा गया है। बिहार सरकार के मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने बुधवार को मांग की है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सम्मान में बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतिशपुर' कर दिया जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए कहा कि बख्तियारपुर केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं है, बल्कि उस महान जननेता की जन्मस्थली है जिसने बिहार की राजनीति, विकास और शासन को एक नई दिशा दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा, "बिहार के महान जननेता की जन्मस्थली का नाम उन्हीं के नाम पर होना चाहिए—बख्तियारपुर अब 'नीतिशपुर' बने।"

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मांग केवल एक नाम बदलने का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि एनडीए गठबंधन के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने की एक राजनीतिक रणनीति है। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद से प्रयागराज जैसे बदलावों के बाद, बिहार में भी इसी तरह की विचारधारा को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है ताकि सांस्कृतिक और राजनीतिक प्रभाव स्थापित किया जा सके।

विरासत निर्माण और पहचान की राजनीति अक्सर हिंदी पट्टी में राजनीतिक एकजुटता के उपकरण के रूप में उपयोग की जाती है।

दूसरी ओर, विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने इस मांग पर तीखा हमला बोला है। आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि संतोष सुमन केवल भाजपा की विचारधारा का अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने इसे 'डैमेज कंट्रोल' की कोशिश बताया और कहा कि जब खुद जदयू और नीतीश कुमार ने पहले ऐसी मांगों को खारिज किया था, तो जनता इसे स्वीकार क्यों करेगी?

गौरतलब है कि बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग पहली बार नहीं उठी है। 2018 में भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने मुस्लिम आक्रमणकारियों के नाम पर बसे शहरों के नाम बदलने की वकालत की थी। वहीं 2021 में तत्कालीन भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर ने इसे 'नीतिश नगर' करने की मांग की थी, क्योंकि वर्तमान नाम बख्तियार खिलजी की याद दिलाता है, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट किया था।

वर्ष प्रस्तावक प्रस्तावित नाम परिणाम/प्रतिक्रिया
2018 गिरिराज सिंह निर्दिष्ट नहीं सामान्य मांग
2021 हरि भूषण ठाकुर नीतिश नगर नीतीश कुमार ने 'फालतू बात' कहा
2026 संतोष सुमन नीतिशपुर राजनीतिक विवाद जारी
क्या आप जानते हैं?: बख्तियारपुर ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेषों के काफी करीब स्थित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: संतोष सुमन बख्तियारपुर का नाम क्यों बदलना चाहते हैं?
उनका मानना है कि यह शहर नीतीश कुमार की जन्मस्थली है और उनके द्वारा बिहार के विकास में दिए गए योगदान के सम्मान में इसका नाम 'नीतिशपुर' होना चाहिए।

प्रश्न 2: पूर्व में नीतीश कुमार की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?
2021 में जब 'नीतिश नगर' बनाने की मांग उठी थी, तब नीतीश कुमार ने इसे 'फालतू बात' कहकर पूरी तरह खारिज कर दिया था।