सीपीएम नेता और बेपोर विधायक मोहम्मद रियास ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अवैध संपत्ति के दावों को 'मनगढ़ंत' बताया है और अदालत में लड़ने की बात कही है। यह मामला अब पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार तक पहुंच गया है।
- मोहम्मद रियास ने ₹20.5 करोड़ की अवैध कमाई और दुबई में फंड ट्रांसफर के आरोपों को नकारा है।
- ED ने राज्य पुलिस प्रमुख से पिनाराई विजयन, टी. वीणा और रियास के खिलाफ अलग FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है।
- यह विवाद कोझिकोड में होने वाली महत्वपूर्ण सीपीएम राज्य समिति की बैठक के ठीक पहले सामने आया है।
एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक टकराव में, सीपीएम केरल राज्य सचिवालय के सदस्य और बेपोर विधायक पी.ए. मोहम्मद रियास ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाए गए नवीनतम आरोपों के खिलाफ "कानूनी लड़ाई" लड़ने का संकल्प लिया है। फेसबुक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए, पूर्व लोक निर्माण मंत्री ने इन रिपोर्टों को चरित्र हनन का एक सुनियोजित प्रयास बताया।
यह पूरा विवाद ED द्वारा राज्य पुलिस प्रमुख (SPC) को भेजे गए एक लीक पत्र से शुरू हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, संघीय एजेंसी का आरोप है कि श्री रियास ने अवैध रूप से ₹20.5 करोड़ जमा किए, जिसका एक हिस्सा दुबई में बिजनेस यूनिट स्थापित करने के लिए भेजा गया। ED अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रियास के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी बेटी टी. वीणा के खिलाफ अलग FIR दर्ज करने की मांग कर रही है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल वित्तीय जांच नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक राजनीतिक प्रहार है। पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी परिवार को निशाना बनाकर, ED उस समय LDF पर दबाव बना रही है जब पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार से उबरने की कोशिश कर रही है। राज्य समिति की बैठक से ठीक पहले इन खुलासों का समय यह संकेत देता है कि यह पार्टी के आंतरिक नेतृत्व को अस्थिर करने की एक सोची-समझी कोशिश है।
संघीय जांच एजेंसियों और राज्य-स्तरीय राजनीतिक बदलावों का मिलन अक्सर कानूनी जांचों को राजनीतिक लाभ के उपकरणों में बदल देता है।
श्री रियास ने अपने फेसबुक पोस्ट में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग "ED जांच की आड़ में लीक की गई बेतुकी जानकारी के माध्यम से जीवित मनुष्यों के कच्चे मांस को खाने में आनंद लेते हैं।" उन्होंने एजेंसी के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया कि उन्होंने पूछताछ के दौरान इन वित्तीय अनियमितताओं को स्वीकार किया था।
दूसरी ओर, पिनाराई विजयन ने ED के अनुरोध को "राजनीतिक उद्देश्यों के लिए आपराधिक न्याय प्रणाली का शर्मनाक दुरुपयोग" करार दिया है। इसके बावजूद, वर्तमान UDF-led राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि वह एक्सालोजिक-कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड पे-ऑफ मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई के कानूनी पहलुओं की जांच करेगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
CMRL पे-ऑफ मामला लंबे समय से केरल की राजनीति में विवाद का केंद्र रहा है, जिसमें बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किकबैक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद, कई पुरानी जांचें फिर से शुरू हो गई हैं, जिससे पिछले प्रशासन की सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और उच्च अधिकारियों के परिवार के सदस्यों की कथित संलिप्तता पर सवाल उठ रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: मोहम्मद रियास पर क्या विशिष्ट आरोप हैं?
ED का आरोप है कि उन्होंने ₹20.5 करोड़ अवैध रूप से कमाए और व्यापार के लिए इसे दुबई भेजा।
प्रश्न 2: इस जांच में और कौन शामिल है?
ED ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी बेटी टी. वीणा के खिलाफ भी FIR दर्ज करने की मांग की है।