बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2011-12 में जहां भारत की स्थिति ब्रिक्स में कमजोर थी, वहीं आज भारत इस समूह का सबसे मजबूत स्तंभ बन चुका है।
- बीजेपी ने कांग्रेस पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के माहौल को नकारात्मक बनाने का आरोप लगाया।
- संबित पात्रा ने 2011-12 के पुराने लेखों का हवाला देकर यूपीए शासनकाल में भारत की कमजोर आर्थिक स्थिति को उजागर किया।
- भारत नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुक्रवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना करते हुए उन पर ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर एक 'नकारात्मक वातावरण' बनाने का आरोप लगाया। बीजेपी का दावा है कि विपक्षी दल भारत की वैश्विक प्रगति को 'पचा' नहीं पा रहे हैं, जबकि देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से स्पष्ट किया कि 2011-12 के दौरान, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार सत्ता में थी, तब ब्रिक्स समूह में भारत की स्थिति डगमगा रही थी। उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और भारत इस समूह के सबसे शक्तिशाली भागीदारों में से एक है।
ऐतिहासिक संदर्भ और आर्थिक तुलना
अपने दावों की पुष्टि के लिए संबित पात्रा ने 2011 और 2012 के दो प्रमुख समाचार लेखों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 2012 में वैश्विक वित्तीय सेवा फर्म गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भारत को मूल्यांकन के मामले में ब्रिक्स का 'सबसे कम आकर्षक' सदस्य बताया था। उस समय के चेयरमैन जिम ओ'नील के अनुसार, चीन पहले और भारत चौथे स्थान पर था, और यहां तक कि इंडोनेशिया द्वारा भारत की जगह लेने की संभावना जताई गई थी।
| मानदंड | UPA काल (2011-12) | वर्तमान स्थिति (2026) |
|---|---|---|
| वैश्विक रैंकिंग (BRICS) | चौथा/सबसे कम आकर्षक | सबसे मजबूत भागीदारों में से एक |
| आर्थिक स्थिति | उच्च मुद्रास्फीति और कमजोर मुद्रा | तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था |
| वैश्विक प्रभाव | अस्थिर स्थिति (Shaky 'I') | वैश्विक नेतृत्व और मेजबानी |
पात्रा ने आगे बताया कि सितंबर 2011 के एक लेख में भारत की उच्च मुद्रास्फीति, चालू खाता घाटे और बुनियादी ढांचे की कमियों का उल्लेख किया गया था, जिसके कारण ब्रिक्स में भारत की स्थिति को 'अस्थिर' बताया गया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this political clash is not just about a summit, but a battle over India's economic narrative. By contrasting current diplomatic success with past economic struggles, the BJP is attempting to cement its image as the architect of India's 'Vishwaguru' status, while painting the opposition as anti-progress.
"The shift from being the 'least attractive' BRICS member to a leading voice demonstrates a fundamental structural transformation in India's macroeconomic policy."
भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस आयोजन के ठीक पहले कांग्रेस ने शिखर सम्मेलन की मेजबानी से होने वाले लाभों पर सवाल उठाए थे, जिसे बीजेपी ने देश की छवि खराब करने की कोशिश करार दिया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कहां आयोजित हो रहा है?
उत्तर: यह शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है।
प्रश्न 2: संबित पात्रा ने किन लेखों का हवाला दिया?
उत्तर: उन्होंने 2011 और 2012 के उन लेखों का हवाला दिया जिनमें गोल्डमैन सैक्स ने भारत को ब्रिक्स का सबसे कमजोर सदस्य बताया था।