केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतिसन ने पूर्व एलडीएफ सरकार द्वारा व्यक्तिगत कर्मचारियों की अत्यधिक नियुक्तियों के अपने दावों पर अडिग रहने की बात कही है। उन्होंने चुनौती दी है कि वह 2021-2026 की अवधि के सभी कर्मचारियों की पूरी सूची सार्वजनिक करने के लिए तैयार हैं।
- मुख्यमंत्री सतिसन का दावा है कि पिछली एलडीएफ सरकार ने 787 व्यक्तिगत कर्मचारियों की नियुक्ति की थी।
- वर्तमान यूडीएफ सरकार ने केवल 476 कर्मचारियों की नियुक्ति कर खर्चों में कटौती की है।
- पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सोशल मीडिया प्रबंधन के लिए एक अलग 12 सदस्यीय टीम पर भारी खर्च का आरोप।
केरल की राजनीति में नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री वी.डी. सतिसन और विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के बीच शब्दों का युद्ध तेज हो गया है। शुक्रवार को एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री सतिसन ने स्पष्ट किया कि वह अपने उस दावे पर कायम हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछली वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के व्यक्तिगत स्टाफ में कुल 787 लोगों की नियुक्ति की थी।
यह विवाद बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ। मुख्यमंत्री सतिसन ने तर्क दिया कि वर्तमान यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार ने नियुक्तियों पर कड़ा नियंत्रण रखा है और अब तक केवल 476 व्यक्तिगत कर्मचारियों को नियुक्त किया है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जहाँ वर्तमान में मंत्रियों के लिए अधिकतम 25 कर्मचारियों की सीमा तय की गई है, वहीं पिछली सरकार के कुछ मंत्रियों के पास 27 से 29 सदस्य थे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this clash is not merely about numbers but is a strategic move to project the UDF government as 'fiscally disciplined' compared to the LDF's alleged 'extravagance'. In a state where public spending is under scrutiny, highlighting the cost of personal staff and social media teams becomes a potent political weapon to attract the middle-class electorate.
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इन आंकड़ों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान व्यक्तिगत कर्मचारियों की संख्या 500 से कम थी और उन्होंने सतिसन को इस सूची को सार्वजनिक करने की चुनौती दी। इसके जवाब में, सतिसन ने कहा कि वह 2021-2026 की अवधि के सभी कर्मचारियों के नाम, पते और अन्य विवरण प्रकाशित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
"The transparency regarding government appointments is crucial for democratic accountability, and the willingness to publish detailed lists shifts the burden of proof onto the previous administration."
सतिसन ने एक और गंभीर आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने केवल पिनाराई विजयन की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रबंधन के लिए 12 सदस्यों की एक विशेष टीम बनाई थी। इस टीम के सदस्यों का वेतन ₹22,290 से ₹75,000 के बीच था, जिसे 2025 में और बढ़ा दिया गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, केवल सोशल मीडिया प्रबंधन पर सालाना ₹84 लाख से अधिक खर्च किए गए, जो जनता के पैसे का दुरुपयोग है।
| विवरण | पिछली LDF सरकार (दावा) | वर्तमान UDF सरकार |
|---|---|---|
| कुल व्यक्तिगत कर्मचारी | 787 | 476 |
| प्रति मंत्री अधिकतम स्टाफ | 27-29 | 25 |
| सोशल मीडिया खर्च | ₹84 लाख/वर्ष | न्यूनतम/पारदर्शी |
Frequently Asked Questions
1. मुख्यमंत्री सतिसन का मुख्य आरोप क्या है?
उनका आरोप है कि पिछली एलडीएफ सरकार ने नियमों से अधिक व्यक्तिगत कर्मचारियों की नियुक्ति की और सोशल मीडिया प्रबंधन पर भारी खर्च किया।
2. पिनाराई विजयन की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
विजयन ने इन आंकड़ों को गलत बताया है और दावा किया है कि कर्मचारियों की संख्या 500 से कम थी।