हालिया चुनावी हार और कानूनी दबाव के बाद, CPI(M) जमीनी स्तर पर जुड़ाव और नेतृत्व की जवाबदेही बहाल करने के लिए कोझिकोड में एक व्यापक संगठनात्मक बदलाव करने जा रहा है।

  • हाई-वोल्टेज कार्यक्रमों के बजाय 'घर-घर संपर्क' और पड़ोस की बैठकों पर जोर।
  • नेतृत्व में 'पर्सनालिटी कल्ट' को रोकने के लिए अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही।
  • नियोजित व्यक्तियों को अंशकालिक स्थानीय सचिव के रूप में काम करने की अनुमति।
  • सूक्ष्म स्तर पर संघ परिवार के प्रभाव को रोकने के लिए विशिष्ट रणनीतियां।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] रविवार, 13 सितंबर 2026 से कोझिकोड में एक महत्वपूर्ण विस्तारित राज्य समिति की बैठक करने जा रही है। हालांकि यह बैठक मूल रूप से एक सुधार अभ्यास के रूप में तय की गई थी, लेकिन अब यह पार्टी के लिए गंभीर संकट के समय हो रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पॉलिट ब्यूरो सदस्य और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनरई विजयन और राज्य सचिवालय सदस्य पी.ए. मोहम्मद रियास को भ्रष्टाचार के मामलों में फंसाने की कार्रवाई ने पार्टी को रक्षात्मक स्थिति में डाल दिया है।

पार्टी के भीतर आंतरिक गतिशीलता एक गहरे विभाजन का संकेत दे रही है। हालांकि नेतृत्व इसे "राजनीतिक प्रतिशोध" के रूप में पेश करेगा, लेकिन आंतरिक सूत्रों का कहना है कि बैठक में वरिष्ठ नेताओं के 'अहंकारी व्यवहार' और 'व्यक्ति-पूजा' (पर्सनालिटी कल्ट) के बढ़ते चलन पर तीखे सवाल उठाए जाएंगे। त्रिक्करीपुर, पाय्यानूर और तलीपरम्बा जैसे गढ़ों में हार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कार्यकर्ताओं का नेतृत्व के प्रति सम्मान कम हो रहा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि CPI(M) वर्तमान में पहचान के संकट से जूझ रही है। एक क्रांतिकारी पार्टी से सत्ताधारी दल बनने के सफर में नेतृत्व और श्रमिक वर्ग के बीच एक बड़ी खाई पैदा हो गई है। 'मास लाइन' (जन-संपर्क) की ओर मुड़कर, पार्टी अब बड़े रैलियों के बजाय व्यक्तिगत मुलाकातों को प्राथमिकता दे रही है। यह केवल एक प्रक्रियात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि केरल में अपने आधार को बचाने की एक अस्तित्वगत रणनीति है।

सुधारों में पार्टी प्रबंधन के ढांचे को भी बदला जा रहा है। जिला समिति के सदस्यों को अब स्थानीय और शाखा समितियों की सीधी निगरानी का जिम्मा सौंपा जाएगा। पार्टी का लक्ष्य यह है कि कैडरों का प्रशिक्षण केवल किताबी न रहकर स्थानीय सामाजिक और जनसांख्यिकीय बदलावों के अनुरूप हो।

भव्य आयोजनों से हटकर मोहल्ला बैठकों की ओर जाना यह दर्शाता है कि पार्टी को अहसास हो गया है कि 'ऊपर से नीचे' वाला दृष्टिकोण अब केरल के आधुनिक लोकतांत्रिक परिदृश्य में विफल हो रहा है।

इसके अलावा, पॉलिट ब्यूरो (PB) ने एक गहन आत्म-समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है। एक विस्तृत प्रश्नावली के माध्यम से, PB वरिष्ठ सदस्यों के बीच "संसदीय विचलन" और सामूहिक नेतृत्व की कमी की पहचान कर रहा है। इस सुधार प्रक्रिया को अक्टूबर में एम.वी. गोविंदन और ए. विजयराघवन के नेतृत्व वाली टीमों द्वारा जिला स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।

स्थानीय सचिवों के कार्यभार को कम करने के लिए, पार्टी एक बड़ा नीतिगत बदलाव करने पर विचार कर रही है: नौकरीपेशा लोगों को अंशकालिक स्थानीय सचिव के रूप में काम करने की अनुमति देना। इस कदम का उद्देश्य स्थानीय पार्टी मशीनरी में नई पेशेवर ऊर्जा लाना और पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के मानसिक तनाव को कम करना है।

क्या आप जानते हैं?: CPI(M) 'लोकतांत्रिक केंद्रीयवाद' (Democratic Centralism) मॉडल का पालन करती है, जिसमें निर्णय आंतरिक रूप से बहस के बाद लिए जाते हैं, लेकिन एक बार प्रस्ताव पारित होने के बाद सभी को उसका समर्थन करना अनिवार्य होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: CPI(M) अपनी कार्यशैली क्यों बदल रही है?
पार्टी अपने पुराने गढ़ों में गिरते प्रभाव को रोकने और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ फिर से जुड़ने के लिए बड़े आयोजनों के बजाय व्यक्तिगत संपर्कों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

प्रश्न 2: सुधार प्रक्रिया में कौन से प्रमुख नेता शामिल हैं?
इस प्रक्रिया का नेतृत्व पिनरई विजयन, एम.वी. गोविंदन और ए. विजयराघवन जैसे वरिष्ठ पॉलिट ब्यूरो सदस्यों द्वारा किया जा रहा है।