तेलंगाना विधानसभा ने कोर अर्बन रीजन (CURE) बिल, 2026 पारित किया, जो 1955 के GHMC अधिनियम को प्रतिस्थापित करेगा। यह कानून हैदराबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में एकीकृत शासन और तीव्र विकास सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

  • CURE अधिनियम 1955 के पुराने GHMC कानून को बदल देगा।
  • हैदराबाद के शहरी क्षेत्र का विस्तार 2,053 वर्ग किमी तक किया जाएगा।
  • लक्ष्य 2047 तक तेलंगाना को $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है।
  • मेट्रो रेल नेटवर्क को 2035 तक 556.6 किमी तक बढ़ाने की योजना है।

तेलंगाना विधानसभा ने शनिवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कोर अर्बन रीजन (एकीकृत शासन) बिल, 2026 (CURE Act) को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इस नए कानून का उद्देश्य हैदराबाद और उसके आसपास के तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक एकरूपता, बेहतर शासन और नियोजित बुनियादी ढांचे का विकास करना है।

विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए, विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि हैदराबाद का विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1955 का GHMC अधिनियम अब आज की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि तब जनसंख्या मात्र 15 लाख थी और आज यह 1.3 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। नए CURE अधिनियम के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य हैदराबाद को एक विशाल आर्थिक इंजन के रूप में विकसित करना है जो तेलंगाना को 2034 तक $1 ट्रिलियन और 2047 तक $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह विधायी परिवर्तन केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक आर्थिक कदम है। CURE क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 2,053 वर्ग किमी के दायरे में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे सेवाओं के वितरण में होने वाली देरी और नियमों के टकराव को समाप्त किया जा सकेगा।

पुराने कानूनों को आधुनिक शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना ही भविष्य के स्मार्ट शहरों की नींव है।

विकास की इस योजना में बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश शामिल है। सरकार ने H-सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए ₹7,032 करोड़ और मुसी रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए ₹7,345 करोड़ आवंटित किए हैं। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जिसे 2035 तक 556.6 किमी तक ले जाने का लक्ष्य है।

विभाजन और विकेंद्रीकरण पर जोर देते हुए, GHMC को अब ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम, मलकाजगिरी नगर निगम और साइबरबाद नगर निगम में पुनर्गठित किया गया है। यह कदम नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उठाया गया है। LiDAR सर्वेक्षण का उपयोग करके सड़कों, इमारतों और जल निकासी प्रणालियों का 3D मैपिंग भी किया गया है ताकि अगले 2-3 दशकों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

Did You Know?: हैदराबाद की जनसंख्या 1955 में केवल 15 लाख थी, जो अब बढ़कर लगभग 1.3 करोड़ हो गई है, जिससे पुराने कानूनों को बदलना अनिवार्य हो गया है।

Frequently Asked Questions

1. CURE अधिनियम क्या है?
यह एक नया कानून है जो हैदराबाद के शहरी क्षेत्रों के एकीकृत शासन और नियोजित विकास के लिए 1955 के GHMC अधिनियम की जगह लेगा।

2. इस बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में नियमों की एकरूपता लाना और तेलंगाना को $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करना है।