तमिलनाडु में लगभग 5 लाख बुजुर्गों को मासिक पेंशन प्राप्त नहीं हुई है, जिससे राज्य के विभिन्न जिलों में भारी चिंता व्याप्त है। तकनीकी खराबी और सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण इस देरी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि लाभार्थियों की संख्या में कटौती की अफवाहें भी बाजार में हैं।
- तमिलनाडु में लगभग 5 लाख बुजुर्गों को इस महीने की पेंशन नहीं मिली है।
- विழுப்புराम, त्रिची और तंजावुर जैसे प्रमुख जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।
- प्रशासन ने देरी का कारण तकनीकी खराबी और सॉफ्टवेयर अपडेट को बताया है।
- लाभार्थियों की संख्या कम किए जाने की अफवाहों ने बुजुर्गों में डर पैदा कर दिया है।
तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में रहने वाले लगभग 5 लाख बुजुर्गों के लिए इस महीने का समय संकटपूर्ण रहा है। राज्य सरकार द्वारा संचालित वृद्धवस्था पेंशन योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि समय पर बैंक खातों में जमा नहीं होने के कारण लाभार्थियों में भारी आक्रोश और चिंता देखी जा रही है। सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि क्या सरकार भविष्य में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या को कम करने की योजना बना रही है।
तमिलनाडु सरकार बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मासिक सहायता प्रदान करती है। नियमों के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित बुजुर्गों को ₹1,200 और दिव्यांगजनों को ₹1,500 प्रति माह दिए जाते हैं। सामान्यतः यह राशि हर महीने की 5 तारीख तक खातों में आ जाती है, लेकिन इस बार 10 तारीख बीत जाने के बाद भी कई जिलों में पैसा नहीं पहुंचा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह मुद्दा केवल वित्तीय देरी का नहीं है, बल्कि यह राज्य के सबसे कमजोर सामाजिक वर्ग की जीवन रेखा से जुड़ा है। त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में इस राशि का न मिलना बुजुर्गों को बुनियादी जरूरतों जैसे भोजन और दवाओं के लिए संघर्ष करने पर मजबूर कर रहा है।
प्रभावित जिलों का विवरण चौंकाने वाला है। अकेले विழுப்புराम जिले में 1,71,621 लाभार्थी प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, त्रिची में 1.10 लाख, तंजावुर में 81,159 और तिरुआर में 60,500 लोग इस देरी का शिकार हुए हैं।
"हम अपनी दैनिक जरूरतों और भोजन के लिए इसी सरकारी सहायता पर निर्भर हैं, लेकिन इस देरी ने हमें संकट में डाल दिया है।" - एक प्रभावित बुजुर्ग का बयान।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह देरी मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट और तकनीकी खराबी के कारण हुई है। राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, पहले यह प्रक्रिया स्थानीय तहसील कार्यालयों के माध्यम से होती थी, लेकिन 2024 से इसे चेन्नई मुख्यालय से केंद्रीकृत कर दिया गया है। वर्तमान में सिस्टम में बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे डेटा मिलान में देरी हो रही है।
Historical Background
तमिलनाडु में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एक लंबा इतिहास रहा है। राज्य सरकार ने हमेशा से वृद्धों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न पेंशन योजनाओं को लागू किया है। हालांकि, हाल के वर्षों में डिजिटल भुगतान और केंद्रीकृत प्रणालियों की ओर बढ़ने से तकनीकी चुनौतियां भी सामने आई हैं, जो अक्सर इस तरह की देरी का कारण बनती हैं।
Frequently Asked Questions
1. पेंशन में देरी का मुख्य कारण क्या है?
प्रशासन के अनुसार, चेन्नई मुख्यालय से केंद्रीकृत भुगतान प्रणाली में सॉफ्टवेयर अपडेट और तकनीकी खराबी के कारण देरी हुई है।
2. क्या लाभार्थियों की संख्या कम की जा रही है?
फिलहाल लाभार्थियों की संख्या कम करने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन देरी के कारण जनता के बीच ऐसी आशंकाएं बनी हुई हैं।