भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12‑वर्षीय कार्यकाल को अमित शाह ने ‘भ्रष्टाचार, जातिवाद और वंशीय राजनीति का अंत’ कहा। उन्होंने इस अवधि को नीति‑अवरोधन से मुक्त, प्रदर्शन‑आधारित शासन के रूप में प्रस्तुत किया।

  • अमित शाह ने मोदी सरकार को 12 साल में भ्रष्टाचार‑मुक्त बताया
  • वो राजनीति को ‘प्रदर्शन‑आधारित’ और ‘नीति‑अवरोधन‑रहित’ कहते हैं
  • भविष्य में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका को सुदृढ़ करने का इरादा

नई दिल्ली – भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रमुख अमित शाह ने 12 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को ‘भ्रष्टाचार, जातिवाद और वंशीय राजनीति का अंत’ कहा। यह बयान उन्होंने एक बड़े पार्टी मीट में दिया, जहाँ उन्होंने मोदी की नीतियों को ‘नीति‑अवरोधन से मुक्त’ और ‘प्रदर्शन‑आधारित शासन’ के रूप में सराहा।

शाह ने कहा, “जब से मोदी ने प्रधानमंत्री पद संभाला है, भारत ने नीति‑अवरोधन की जंजीरों से मुक्त होकर तेज़ी से विकास किया है। भ्रष्टाचार, जातिवाद और वंशीय राजनीति अब इतिहास बन चुके हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि इस अवधि में भारत ने ‘भ्रष्टाचार‑रहित’ प्रशासन और ‘समानता‑आधारित’ सामाजिक व्यवस्था स्थापित की है।

भ्रष्टाचार‑मुक्त शासन के दावे को समर्थन देने के लिए, शाह ने पिछले 12 वर्षों में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों द्वारा भारत को मिलने वाले उच्च स्कोर का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “विश्व बैंक, एएफपी और अन्य संस्थाओं ने भारत को ‘नीति‑अवरोधन‑रहित’ और ‘व्यापक विकास‑परक’ माना है।”

शाह ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने ‘जातिवाद’ को कम करने के लिए कई सामाजिक सुधार लागू किए हैं, जिसमें आरक्षण प्रणाली में सुधार और आर्थिक अवसरों की समानता पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा, “हमने सामाजिक बंधनों को तोड़कर सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में काम किया है।”

वहीं, वंशीय राजनीति को समाप्त करने के संदर्भ में, शाह ने कहा कि बीजेपी ने ‘प्रदर्शन‑आधारित’ उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी है, जिससे राजनीतिक पदों पर केवल परिवार के नाम से नहीं, बल्कि योग्यता और जनता की पसंद से चयन हो रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that अमित शाह के इस बयान से पार्टी के भीतर और बाहरी मतदाताओं को यह संदेश मिलता है कि बीजेपी अब पारंपरिक राजनीति से हटकर विकास‑केन्द्रित मंच पर है, जिससे आगामी चुनावों में वोट‑बेस को मजबूत करने की आशा है।

"यदि भारत वास्तव में भ्रष्टाचार‑मुक्त और जातिवाद‑रहित हो गया है, तो यह विश्व में उसकी आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को पुनः परिभाषित करेगा," कहा राजनीतिक विश्लेषक डॉ. रवीना सिंह।
Did You Know?: भारत ने 2023 में विश्व बैंक से सबसे कम भ्रष्टाचार वाले बड़े लोकतंत्र का शीर्षक हासिल किया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या मोदी सरकार ने वास्तव में सभी प्रकार के भ्रष्टाचार को समाप्त कर दिया है?

उत्तर: जबकि कई सुधार लागू हुए हैं, पूर्ण समाप्ति अभी भी एक लक्ष्य है और निगरानी जारी है।

प्रश्न 2: आगामी चुनावों में यह बयान बीजेपी के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है?

उत्तर: यह विकास‑आधारित छवि पार्टी को मध्यम वर्ग और युवा वोटर वर्ग में आकर्षित कर सकती है।