प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित ब्रिक्स गाला डिनर में विपक्षी दलों और गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी। सूचना के अनुसार, उन्हें औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
- प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित ब्रिक्स गाला डिनर में गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा नहीं लिया।
- कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया था।
- कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और WHO प्रमुख सहित कई वैश्विक नेता शामिल हुए।
- 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आतंकवाद और वैश्विक सुधारों पर महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्रिक्स नेताओं के सम्मान में आयोजित भव्य 'गाला डिनर' में गैर-भाजपा (non-BJP) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विशेष रात्रिभोज के लिए विपक्षी दलों के नेताओं और दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों जैसे कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था। हालांकि शाम तक उनके पहुंचने की कुछ उम्मीदें बनी हुई थीं, लेकिन अंततः इन राज्यों का कोई भी मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बना।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में राज्यों के नेतृत्व की उपस्थिति भारत की 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) की छवि को वैश्विक मंच पर मजबूत करती है। जब अंतरराष्ट्रीय नेता भारत में आते हैं, तो वे न केवल केंद्र बल्कि राज्यों की विविधता और राजनीतिक शक्ति को भी देखना चाहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनयिक मंचों पर राज्य सरकारों की भागीदारी भारत की आंतरिक राजनीतिक एकता और वैश्विक प्रतिनिधित्व के बीच के संबंधों को दर्शाती है।
इस गाला डिनर में केवल भारतीय नेता ही नहीं, बल्कि वैश्विक दिग्गजों का भी जमावड़ा था। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व भारत मंडपम पहुंचे।
ब्रिक्स 2026: मुख्य घोषणाएं
यह शिखर सम्मेलन केवल सामाजिक मेलजोल तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक निर्णय भी लिए गए। दिल्ली घोषणा पत्र के माध्यम से पांच प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी:
- आतंकवाद का मुकाबला: आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पहलगाम का विशेष उल्लेख किया गया।
- शांतिपूर्ण समाधान: सैन्य कार्रवाई के बजाय वाणिज्यिक शिपिंग मार्गों के लिए बातचीत पर जोर।
- ग्लोबल वैल्यू चेन: 2026 से 2030 के बीच बाजारों को खोलने हेतु सहयोग।
- पर्यावरण सहयोग: रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन समझौते को मंजूरी।
- UNSC सुधार: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने की मांग।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: गाला डिनर में कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
उत्तर: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव और WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस प्रमुख रूप से शामिल हुए।
प्रश्न 2: किन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया?
उत्तर: मुख्य रूप से दक्षिण भारत के गैर-भाजपा शासित राज्यों जैसे कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने शिरकत नहीं की।