मुख्यमंत्री विजय द्वारा दिवंगत करुणानिधि और एमके स्टालिन पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों के खिलाफ DMK ने पूरे तमिलनाडु में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया है। DMK नेताओं ने विजय के भाषण को 'सिनेमाई डायलॉगबाजी' करार दिया है, जबकि TVK ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

  • DMK ने मुख्यमंत्री विजय द्वारा करुणानिधि और स्टालिन पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।
  • DMK नेताओं ने विजय के विधानसभा भाषण को 'सिनेमाई डायलॉगबाजी' और अमर्यादित बताया।
  • TVK सरकार ने DMK के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बदले की भावना से प्रेरित कहा है।
  • विवाद का मुख्य केंद्र स्टालिन की आपातकाल के दौरान गिरफ्तारी और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

तमिलनाडु की राजनीति में उस समय भारी उबाल आ गया जब मुख्य विपक्षी दल DMK ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन विधानसभा में दिवंगत पार्टी संरक्षक एम करुणानिधि और वर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों के जवाब में आयोजित किया गया था।

चेन्नई में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ DMK नेता पीके सेकर बाबू ने मुख्यमंत्री विजय पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री ने केवल 'सिनेमाई अंदाज' में डायलॉगबाजी की है और भ्रष्टाचार के आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है। बाबू ने स्टालिन को 'मिस्टर क्लीन' बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का व्यवहार दिवंगत नेताओं के प्रति अत्यंत अपमानजनक था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this confrontation marks a significant escalation in the ideological battle between the ruling TVK and the opposition DMK. The transition of a cinematic icon like Vijay into a political leader is testing the traditional political fabric of Tamil Nadu, making every legislative debate a potential street battle.

'विधानसभा कोई फिल्म शूटिंग की जगह नहीं है, बल्कि जनता के सवालों का जवाब देने का मंच है,' DMK कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी के दौरान कहा।

विवाद तब गहरा गया जब मुख्यमंत्री विजय ने 7 सितंबर को विधानसभा में DMK के पिछले शासनकाल के दौरान संगठित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। विजय ने सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और मुरासोली मारन का हवाला देते हुए भ्रष्टाचार के दावों को पुख्ता करने की कोशिश की। उन्होंने 2021-26 के दौरान कथित भ्रष्टाचार को लेकर ED द्वारा साझा किए गए दस्तावेजों का भी उल्लेख किया।

दूसरी ओर, कानून मंत्री आर निर्मल कुमार ने एमके स्टालिन की 'मीसा' (MISA) गिरफ्तारी के रिकॉर्ड को लेकर विवाद को और हवा दी। उन्होंने स्टालिन को अपना आधिकारिक हिरासत आदेश सार्वजनिक करने की चुनौती दी। वहीं, पूर्व मंत्री अंबिल महेश ने मुख्यमंत्री के व्यवहार की तुलना नाजी तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से कर दी और आरोप लगाया कि सरकार 'गोएबल्स टूलकिट' का उपयोग कर रही है।

Did You Know?: एमके स्टालिन को आपातकाल के दौरान उनकी राजनीतिक सक्रियता और इंदिरा गांधी की नीतियों के विरोध के कारण हिरासत में लिया गया था।

Frequently Asked Questions

1. DMK ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
DMK ने मुख्यमंत्री विजय द्वारा दिवंगत एम करुणानिधि और एमके स्टालिन के प्रति की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में प्रदर्शन किया।

2. TVK का इस पर क्या कहना है?
सत्तारूढ़ TVK ने इन प्रदर्शनों को अमर्यादित बताया है और कहा है कि DMK के नेता केवल बदले की भावना से काम कर रहे हैं।