कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावा किया है कि कई भाजपा और जेडीएस नेता कांग्रेस में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं। पूर्व विधायक नरेंद्र बाबू के कांग्रेस में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

  • मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा और जेडीएस के कई नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना जताई।
  • पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र बाबू आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
  • शिवकुमार ने एचडी कुमारस्वामी पर भाजपा को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आने की आशंका है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए संकेत दिया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेकुलर) यानी जेडीएस के कई प्रभावशाली नेता कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क बनाए हुए हैं।

यह बयान पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र बाबू के कांग्रेस में शामिल होने के ठीक बाद आया है। नरेंद्र बाबू, जो राजाजीनगर और महालक्ष्मी लेआउट के पूर्व विधायक रहे हैं, ने भाजपा में लगभग एक दशक बिताने के बाद पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि संगठन के लिए काम करने के बावजूद वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें उचित पहचान नहीं दी। बेंगलुरु स्थित केपीसीसी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें और उनके समर्थकों को कांग्रेस में शामिल किया गया।

राजनीतिक समीकरणों में बदलाव

शिवकुमार ने कहा, "कई नेता मेरे और हमारी पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं। हम उन्हें पार्टी में जगह देंगे और मिलकर काम करेंगे।" उन्होंने जिला मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों को उन नेताओं की पहचान करने का निर्देश दिया है जो कांग्रेस की विचारधारा और नेतृत्व में विश्वास रखते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी तर्क दिया कि देश को बचाने के लिए कांग्रेस के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 13 वर्षों में भाजपा को पर्याप्त अवसर दिया गया है, लेकिन अब जनता का रुख बदल रहा है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यदि भाजपा और जेडीएस के बड़े नेता कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो यह 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले कर्नाटक के राजनीतिक शक्ति संतुलन को पूरी तरह से बदल सकता है। यह न केवल सत्ताधारी दल की स्थिति मजबूत करेगा, बल्कि विपक्ष को भीतर से कमजोर कर देगा।

कांग्रेस की विस्तारवादी नीति कर्नाटक में गठबंधन की राजनीति के पारंपरिक ढांचे को ध्वस्त कर सकती है।

शिवकुमार ने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुमारस्वामी 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर अशोक को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

कुमारस्वामी द्वारा हाल ही में दिए गए 'विघ्न और बाधा' (allol kallol) के बयानों पर कटाक्ष करते हुए शिवकुमार ने कहा कि कुमारस्वामी केवल अराजकता फैलाने की बात करते हैं, जिसे जनता टीवी पर रोज देख रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. नरेंद्र बाबू ने भाजपा क्यों छोड़ी?
नरेंद्र बाबू ने आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनके लंबे समय तक किए गए कार्यों के बावजूद उन्हें उचित राजनीतिक पहचान नहीं दी।

2. डीके शिवकुमार का कुमारस्वामी पर क्या आरोप है?
शिवकुमार का आरोप है कि कुमारस्वामी अपनी राजनीतिक स्थिति सुधारने के लिए भाजपा के प्रमुख नेताओं को निशाना बना रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: कर्नाटक में दलबदल विरोधी कानून काफी सख्त हैं, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष अक्सर बड़े राजनीतिक उलटफेर का कारण बनता है।