विपक्षी टीएमसी नेता जगदीश चंद्र बरमा बासुनिया ने कहा कि 20 में से 17 सांसद दुर्गा पूजा के बाद भाजपा में शामिल होंगे। यह बयान अन्य बागी सांसदों और भाजपा दोनों द्वारा खारिज किया गया है।

  • जगदीश बासुनिया ने 17 सांसदों के भाजपा में शामिल होने का दावा किया।
  • बाजार के अन्य बागी सांसदों ने इस दावे को नकारा।
  • भाजपा ने इस दावे से दूरी बना ली है।

वेस्ट बंगाल के बागी त्रिनामूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और कूच बिहार सांसद जगदीश चंद्र बरमा बासुनिया ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पार्टी (एनसीपीआई) के 20 सांसदों में से 17 दुर्गा पूजा से पहले या बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाएंगे। यह बयान तुरंत ही अन्य बागी सांसदों द्वारा खारिज कर दिया गया, जिन्होंने कहा कि कोई सामूहिक निर्णय नहीं लिया गया है।

भाजपा ने भी इस दावे से दूरी बना ली। पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रमुख समीक भट्टाचार्य ने कहा कि केवल इच्छाओं के आधार पर पार्टी में किसी को नहीं लिया जाएगा। यह बयान तब आया जब 20 बागी सांसदों की स्थिति पर विवाद चल रहा है, जो मई के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद एनसीपीआई में मिल गए थे और भाजपा‑नेतृत्व वाली एनडीए को समर्थन दे रहे थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

एनसीपीआई का गठन जुलाई 2022 में हुआ और 2023 में आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया। जून 2022 में टीएमसी के 27 सांसदों में से 20 ने एनसीपीआई में शिफ्ट होकर भाजपा‑नेतृत्व वाली गठबंधन को समर्थन दिया। इस कदम को कई विशेषज्ञों ने वैध मर्जर माना, क्योंकि दो‑तिहाई से अधिक सांसदों ने बदलाव किया था, जो एंटी‑डिफेक्शन कानून की सीमा से बाहर है।

हालाँकि, लोकोसभा स्पीकर ओम बिर्ला ने इस समूह को अभी तक आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है और 20 सांसदों को अपात्रता की याचिकाओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए नोटिस जारी किया है। बिर्ला ने 22 सितंबर को अंतिम तिथि तय की, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में नोटिस जारी किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that यदि बासुनिया का दावा सही साबित होता है, तो यह भाजपा को पश्चिम बंगाल में एक महत्वपूर्ण संख्या में सांसदों का समर्थन दिला सकता है, जिससे आगामी राज्य चुनावों में सत्ता संतुलन बदल सकता है। साथ ही, यह एंटी‑डिफेक्शन कानून की व्याख्या पर नया precedent स्थापित कर सकता है।

"एनसीपीआई का प्रयोग कई बार राजनीतिक रणनीति के रूप में किया गया है, लेकिन वास्तविक इरादा अक्सर व्यक्तिगत लाभ में रहता है," एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा।
Did You Know?: पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 213 में से 213 सीटें जीत ली थीं, जो इतिहास में सबसे बड़ी जीत थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या बासुनिया के दावे के बाद भाजपा ने कोई औपचारिक घोषणा की?

उत्तर: नहीं, भाजपा ने अभी तक किसी भी सांसद के शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।

प्रश्न 2: क्या इस समूह की अपात्रता की प्रक्रिया अभी भी चल रही है?

उत्तर: हाँ, लोकोसभा और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं दिया है।