राजस्थान में 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतगणना जारी है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के मुकाबले शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है। यह चुनाव 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • भाजपा ने शुरुआती रुझानों में 1,937 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस के पास 1,646 वार्ड हैं।
  • कुल 10,245 वार्डों में से 4,690 के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं।
  • स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए 1,040 वार्डों पर कब्जा जमाया है।
  • अगला चरण 21 और 22 सितंबर को महापौरों और अध्यक्षों का चुनाव होगा।

जयपुर: राजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मतगणना का दौर शुरू हुआ। शुरुआती रुझानों के अनुसार, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गिनती के शुरुआती घंटों में ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। राज्य के 309 शहरी निकायों के पार्षद पदों के लिए चल रही इस प्रक्रिया में भाजपा ने 1,937 वार्डों पर जीत दर्ज की है, जबकि विपक्षी कांग्रेस 1,646 वार्डों के साथ पीछे चल रही है।

चुनावी समीकरण और प्रमुख दल

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक घोषित 4,690 वार्डों के परिणामों में स्वतंत्र उम्मीदवारों का भी दबदबा देखने को मिल रहा है, जिन्होंने 1,040 वार्डों पर जीत हासिल की है। अन्य क्षेत्रीय दलों की बात करें तो राष्ट्रीय लोकतंत्रीक पार्टी (RLP) ने 42 वार्ड जीते हैं, जबकि भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने 8, बहुजन समाज पार्टी (BSP) और CPI(M) ने 6-6, और आम आदमी पार्टी (AAP) ने 5 वार्डों पर कब्जा किया है।

यह चुनाव केवल स्थानीय शासन के लिए नहीं, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए एक लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जैसे दिग्गजों ने अपने-अपने दलों के लिए कड़ा प्रचार किया था, जिसका असर अब गिनती के मैदान में दिख रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राजस्थान में शहरी मतदाताओं का झुकाव अब सीधे तौर पर बड़े राजनीतिक दलों के बजाय स्थानीय मुद्दों और स्वतंत्र उम्मीदवारों की ओर भी बढ़ रहा है। नगर निगमों और नगर पालिकाओं पर नियंत्रण राज्य की विकास नीतियों और शहरी बुनियादी ढांचे के भविष्य को निर्धारित करेगा।

राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव यह संकेत देते हैं कि मतदाता अब केवल पार्टी के नाम पर नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दे रहे हैं।

गौरतलब है कि इस बार चुनाव दो चरणों में आयोजित किए गए थे। पहले चरण में 162 निकायों में 76.42% मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण में 147 निकायों में 70.68% मतदान दर्ज किया गया। कुल 1.44 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

ऐतिहासिक तुलना: निकाय चुनाव

विशेषता2019-21 के चुनाव2026 के चुनाव
कुल निकाय196309
कुल वार्ड7,50010,245
कांग्रेस का नियंत्रण123 निकायप्रतियोगिता जारी
भाजपा का नियंत्रण64 निकायप्रतियोगिता जारी
Did You Know?: राजस्थान में इस बार चुनाव प्रक्रिया को अधिक एकीकृत बनाने के लिए सभी निकायों के लिए एक समान राज्यव्यापी चुनाव चक्र लागू किया गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: महापौरों का चुनाव कब होगा?
उत्तर: पार्षदों की गिनती के बाद, महापौरों और अध्यक्षों का चुनाव 21 सितंबर को निर्धारित किया गया है।

प्रश्न 2: जयपुर नगर निगम में कितने वार्ड हैं?
उत्तर: जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्डों के लिए मतदान हुआ है और उनकी गिनती भी जारी है।