असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अनुशासनहीनता और पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में 15 नेताओं और कार्यकर्ताओं को तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई सिलचर नगर निगम चुनावों के लिए उम्मीदवार चयन को लेकर हुए विवाद और तोड़फोड़ के बाद की गई है।
- असम कांग्रेस ने 15 नेताओं और कार्यकर्ताओं को 3 साल के लिए निष्कासित किया।
- कार्रवाई का मुख्य कारण पार्टी अनुशासन का उल्लंघन और निर्देशों की अनदेखी है।
- सिलचर नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी में भारी असंतोष देखा गया।
- निष्कासित नेताओं में अल्पसंख्यक विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष अली रेजा ओसमान भी शामिल हैं।
असम कांग्रेस ने मंगलवार को एक बड़ा सांगठनिक कदम उठाते हुए 15 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी से तीन साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा की है। यह सख्त कार्रवाई अनुशासनहीनता और पार्टी के आधिकारिक निर्देशों की निरंतर अवहेलना के चलते की गई है। यह आदेश असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के संगठन महासचिव रामन्ना बरुआ द्वारा अध्यक्ष गौरव गोगोई के निर्देश पर जारी किया गया है।
सिलचर में उपजा आंतरिक कलह
यह निष्कासन अभियान सिलचर नगर निगम चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी के भीतर उपजे तीव्र असंतोष का परिणाम है। हाल ही में, सिलचर में उम्मीदवारों के चयन को लेकर विरोध प्रदर्शनों के दौरान कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर जिला कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा वार्ड नंबर 27 के लिए पार्टी के निर्णय को लेकर था, जिससे पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुँचा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष सजल आचार्य के कक्ष में प्रवेश कर कार्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि जिला अध्यक्ष की कुर्सी को उनके कक्ष से बाहर निकाल कर रख दिया गया था।
निष्कासित नेताओं की सूची
पार्टी द्वारा जारी सूची में कई महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं। निष्कासित होने वालों में अल्पसंख्यक विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष अली रेजा ओसमान, हशीम उद्दीन बरभुइया, सुजीत दास, पूजा दास, अधिवक्ता जासिम उद्दीन लस्कर और हनीफ उद्दीन बरभुइया शामिल हैं। इसके अलावा, फातिमा चौधरी, लवली बेगम, पार्थ रॉय, मालविका चौधरी, विश्वतोश नाग और निशित दास को भी तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।
क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि असम में कांग्रेस की यह आंतरिक कलह आगामी स्थानीय चुनावों के लिए पार्टी की संगठनात्मक मजबूती पर सवाल खड़े करती है। टिकट वितरण में कथित भ्रष्टाचार के आरोप और गुटबाजी यह संकेत देते हैं कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल की भारी कमी है।
पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने की यह कोशिश वास्तव में आंतरिक असंतोष को दबाने का एक प्रयास है, जो भविष्य में चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
Frequently Asked Questions
1. असम कांग्रेस ने कितने लोगों को निष्कासित किया है?
असम कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के कारण कुल 15 नेताओं और कार्यकर्ताओं को 3 साल के लिए निष्कासित किया है।
2. निष्कासन का मुख्य कारण क्या था?
मुख्य कारण पार्टी के निर्देशों की अवहेलना और सिलचर चुनावों के लिए उम्मीदवार चयन के दौरान की गई तोड़फोड़ और अनुशासनहीनता है।