CPI(M) नेता पी.ए. मो. रियास ने अपनी पत्नी टी. वीना और पिनराई विजयन की बेटी के खिलाफ हवाला लेन‑देनों के आरोपों को झूठा ठहराया। उन्होंने कहा कि जांच में मिली ‘लाल किताब’ में लिखी बातें भविष्य के व्यापार योजना से संबंधित हैं, न कि काले धन की स्वीकृति।

  • रियास ने हवाला आरोपों को पूरी तरह खारिज किया
  • ‘लाल किताब’ में लिखी बातें भविष्य के व्यापार से जुड़ी हैं
  • ईडी ने FIR दर्ज करने की मांग की, लेकिन रियास कानूनी कार्रवाई करेंगे

विवरण

कोझिकोड में पत्रकारों से बात करते हुए CPI(M) के नेता पी.ए. मो. रियास ने कहा कि उनकी पत्नी टी. वीना ने ईडी के सामने किसी भी प्रकार के हवाला लेन‑देनों को स्वीकार नहीं किया है। वीना पिनराई विजयन की बेटी हैं, जो केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्षी नेता हैं।

रियास ने बताया कि मई 2026 में ईडी द्वारा CMRL‑Exalogic भुगतान मामले की जांच के दौरान प्राप्त “लाल किताब” में मौजूद लिखावटें केवल वीना द्वारा योजना बना रहे एक भविष्य के व्यापार उद्यम से संबंधित थीं। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि रिपोर्टों का समय CPI(M) की विस्तारित राज्य समिति बैठक के समाप्त होने के साथ क्यों मेल खाता है।

ईडी ने हाल ही में केरल राज्य पुलिस प्रमुख को एक पत्र में कहा कि वीना के किराए के घर में छापे के दौरान बरामद “लाल किताब” में दुबई को संभावित हवाला लेन‑देनों के रिकॉर्ड मौजूद हैं। इस दस्तावेज़ में उल्लेखित रकम ₹2.78 करोड़ थी, जो कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) ने वीना की अब बंद कंपनी Exalogic Solutions को “आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं” के नाम पर दिया था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the timing of these allegations could influence the internal dynamics of the CPI(M) ahead of crucial state committee decisions, while also putting additional pressure on opposition leader Pinarayi Vijayan ahead of upcoming elections.

"ऐसे हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों में साक्ष्य की वैधता और राजनीतिक प्रेरणा दोनों को सावधानी से जांचना आवश्यक है," कहा राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अनीता सिंह ने।
Did You Know?: CMRL, जिसका पूरा नाम कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड है, भारत की सबसे बड़ी रुटाइल उत्पादन कंपनियों में से एक है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या ईडी ने अब तक FIR दर्ज कर ली है?

उत्तर: अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है; ईडी ने अभी भी सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रिया जारी रखी है।

प्रश्न 2: इस मामले का केरल की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?

उत्तर: यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह केरल में विपक्षी और सत्तारूढ़ दल दोनों के लिए बड़ी राजनीतिक जटिलता पैदा कर सकता है।