तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ नेता सी.एन. अन्नादुरई की 118वीं जयंती के अवसर पर ईरोड में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला कलेक्टर ने थन्थाई पेरियार-अन्ना मेमोरियल पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

  • तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई की 118वीं जन्म जयंती मनाई गई।
  • ईरोड के थन्थाई पेरियार-अन्ना मेमोरियल पर जिला कलेक्टर एस. कंडसामी ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • मेमोरियल में अन्नादुरई के लेखन से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुएं और पुस्तकालय मौजूद है।

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज द्रविड़ नेता सी.एन. अन्नादुरई की 118वीं जन्म जयंती के अवसर पर ईरोड में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंगलवार, 15 सितंबर, 2026 को आयोजित इस समारोह में ईरोड जिला कलेक्टर एस. कंडसामी ने पेरियार स्ट्रीट स्थित थन्थाई पेरियार-अन्ना मेमोरियल पर अन्नादुरई की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

यह स्मारक तमिलनाडु सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इस ऐतिहासिक स्थल का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें वह घर भी शामिल है जहाँ महान समाज सुधारक थन्थाई पेरियार रहते थे। गौरतलब है कि अन्नादुरई ने अपने शुरुआती दिनों में पेरियार के प्रकाशन के लिए काम करते समय इसी स्थान पर निवास किया था।

ऐतिहासिक विरासत और संरक्षण

मेमोरियल के भीतर अन्नादुरई के जीवन से जुड़ी कई अनमोल वस्तुएं संरक्षित की गई हैं। इनमें उनके द्वारा लेखन के लिए उपयोग की जाने वाली मेज और कुर्सी, एक पुरानी मिट्टी के तेल की लालटेन और उनके रसोई घर के अवशेष शामिल हैं। ये वस्तुएं उस युग की याद दिलाती हैं जब अन्नादुरई ने अपनी राजनीतिक और साहित्यिक यात्रा की नींव रखी थी।

इसके अलावा, स्मारक में एक समृद्ध पुस्तकालय भी है जिसमें तमिल और अंग्रेजी की महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध हैं। यहाँ अन्नादुरई और पेरियार के जीवन से जुड़ी 155 से अधिक दुर्लभ तस्वीरें, उनके प्रमुख नेताओं के साथ बैठकों के दृश्य और उनके द्वारा लिखे गए पत्रों का संग्रह भी प्रदर्शित किया गया है, जो शोधकर्ताओं के लिए एक खजाना है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, अन्नादुरई का जीवन और उनका कार्य द्रविड़ राजनीति के विकास में एक मील का पत्थर है। ईरोड जैसे शहरों में उनके जीवन से जुड़े स्थानों का संरक्षण न केवल इतिहास को जीवित रखता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक न्याय और भाषाई पहचान के संघर्षों से भी परिचित कराता है।

अन्नादुरई का राजनीतिक दर्शन और उनकी लेखनी ने दक्षिण भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल दिया।

इस अवसर पर मोडाक्कुरिची के विधायक टी. शनमुगम, नगर निगम के मेयर एस. नागरत्निम, आयुक्त अर्पित जैन, जिला राजस्व अधिकारी एस. शांता कुमार और अन्य प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अन्नादुरई के योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

Frequently Asked Questions

1. थन्थाई पेरियार-अन्ना मेमोरियल कहाँ स्थित है?
यह स्मारक तमिलनाडु के ईरोड शहर में पेरियार स्ट्रीट पर स्थित है।

2. अन्नादुरई इस मेमोरियल से कैसे जुड़े हैं?
अन्नादुरई ने पेरियार के प्रकाशन के लिए काम करते समय इसी स्थान पर निवास किया था, जिसे अब स्मारक के रूप में संरक्षित किया गया है।

Did You Know?: अन्नादुरई के रहने के स्थान पर आज भी उनके लेखन के लिए उपयोग की जाने वाली मूल मेज और कुर्सी को सुरक्षित रखा गया है।