कर्नाटक सरकार ने प्रजा सेवा अभियान को राज्यभर में तलब और होबली स्तर पर हर शनिवार को चलाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत नागरिक सीधे अपने प्रतिनिधियों से मिलकर शिकायतें और आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।

  • सभी तलब और होबली स्तर पर हर शनिवार बैठकें आयोजित की जाएंगी
  • ग्राहक एक ही दिन में नई और अनसुलझी शिकायतों के लिए अलग कतारें पायेंगे
  • सभी कार्यवाही ऑनलाइन और रीयल‑टाइम में ट्रैक की जा सकेगी

कर्नाटक सरकार ने आज घोषणा की कि प्रजा सेवा अभियान को राज्यभर में तलब और होबली स्तर पर हर शनिवार को चलाया जाएगा। यह पहल नागरिकों को सीधे अपने प्रतिनिधियों से मिलने का अवसर देती है, जिससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच आसान और तेज हो जाती है।

पृष्ठभूमि

प्रजा सेवा अभियान का उद्देश्य प्रशासन को लोगों के घर तक लाना है। पिछले वर्ष, कर्नाटक ने एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया था जिसमें तलब स्तर पर साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं, जिससे शिकायतों का समाधान समय पर हुआ। इस नई योजना के तहत, सरकार ने 3–4 महीनों के भीतर सभी तलब और होबली स्तर पर एकीकृत समय सारिणी तैयार करने का वादा किया है।

कार्यक्रम का संचालन

पहले और तीसरे शनिवार को तलब केंद्र पर जिला प्रभारी मंत्री अध्यक्षता करेंगे, जबकि दूसरे और चौथे शनिवार को स्थानीय MLA अध्यक्षता करेंगे। सार्वजनिक को कम से कम 15 दिन पहले सूचना दी जाएगी, पम्पलेट और प्री‑प्रिंटेड फॉर्म वितरित किए जाएंगे, और AI‑आधारित कॉल सेंटर से आउटबाउंड कॉल भी की जाएगी।

ग्राहक शिकायत प्रबंधन

प्रत्येक बैठक स्थल पर ग्रामा वन कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, जिससे नागरिक ऑनलाइन आवेदन और शिकायत जमा कर सकें। दिन के दौरान, दो अलग कतारें होंगी: नई शिकायतों के लिए एक और पहले से रजिस्टर लेकिन अनसुलझी शिकायतों के लिए दूसरी। 21 दिनों के भीतर समाधान न मिलने वाली शिकायतों को दूसरी कतार में प्राथमिकता दी जाएगी।

साक्ष्य और दस्तावेज़

सभी कार्यवाही पर स्थल पर ही अनुमोदन पत्र या सॉलिसिटेशन पत्र जारी किया जाएगा। साथ ही, एक रीयल‑टाइम सिस्टम नागरिकों को अपने आवेदन या शिकायत की प्रगति देखने की सुविधा देगा। यह सब UPGRS (यूनिफ़ाइड पब्लिक ग्रेवन्स रीड्रेसल सिस्टम) के तहत आता है, जो कर्नाटक का डेटा‑ड्रिवेन, पेपर‑लेस सॉफ्टवेयर प्लेटफ़ॉर्म है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण बताता है कि यह पहल प्रशासनिक जड़ता को कम करने और सार्वजनिक विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रजा सेवा बैठकें न केवल शिकायतों को तेज़ी से हल करती हैं, बल्कि नागरिकों को निर्णय‑निर्माण प्रक्रियाओं में सीधे भाग लेने का अवसर भी देती हैं।

“प्रजा सेवा की साप्ताहिक बैठकें विकेंद्रीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं, जिससे नागरिक अपने प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर सकते हैं।” – डॉ. आर. शर्मा, सार्वजनिक प्रशासन विशेषज्ञ
Did You Know?: UPGRS हर वर्ष 5,00,000 से अधिक शिकायतों को संभालता है, जिससे कर्नाटक को भारत के सर्वश्रेष्ठ शिकायत‑निवारण प्रणालियों में से एक माना जाता है।

Frequently Asked Questions

Q1: मैं अपनी शिकायत कैसे दर्ज कर सकता हूँ?
उत्तर: आप 1902 हेल्पलाइन, ग्रामा वन कियोस्क या प्रजा सेवा वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

Q2: बैठकों का सटीक समय और स्थान कैसे पता चलेगा?
उत्तर: सार्वजनिक को 15 दिन पहले पम्पलेट और AI‑कॉल द्वारा सूचना दी जाएगी, और प्रत्येक तलब/होबली केंद्र पर समय सारिणी उपलब्ध होगी।