विषाखपट्टनम में वार्षिक गिरि परिक्रमा से पहले जिला कलेक्टर अभिषिक्त किशोर ने 32 किमी पवित्र मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने 32 किमी गिरि परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया
- लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिये विशेष उपाय तय किए गए
- पानी, शौचालय, चिकित्सा शिविर और दिशा संकेत स्थापित किए जाएंगे
विषाखपट्टनम के सिमाचलम में वार्षिक गिरि परिक्रमा का आयोजन 28‑29 जुलाई को निर्धारित है, जिसमें श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी की पूजा-अर्चना के लिए देश‑विदेश से लाखों भक्त जुटेंगे। इस बड़े पैमाने के धार्मिक कार्यक्रम की तैयारी में जिला कलेक्टर अभिषिक्त किशोर, पुलिस कमिश्नर शंकाब्रथा बागची, जीवीएमसी कमिश्नर केतन गर्ग और अन्य प्रमुख अधिकारियों ने 32 किमी पवित्र परिक्रमा मार्ग का फील्ड निरीक्षण किया।
मार्ग की मुख्य बिन्दु और निरीक्षण
परिक्रमा मार्ग में थोलि पवनचा, अदविवाराम, हनुमंतवाका, अप्पुघर, मधवधर सहित कई प्रमुख स्थल शामिल हैं, जहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ अपेक्षित है। कलेक्टर ने विशेष रूप से थोलि पवनचा से शुरू होने वाले हिस्से पर जोर दिया, जहाँ भक्त नारियल तोड़कर यात्रा शुरू करेंगे। सभी सुरक्षा एवं सुविधा उपायों की पुष्टि के बाद, अधिकारियों को पिछले वर्ष के अनुभवों के आधार पर एक व्यापक योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
सुरक्षा एवं सुविधा उपाय
कलेक्टर ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आदेश दिया और पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफ़िक नियंत्रण एवं भीड़ प्रबंधन के लिए समन्वय करने की सलाह दी। मार्ग के साथ पर्याप्त दिशा‑संकेत बोर्ड, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों के लिए विशेष सहायता केंद्र स्थापित करने का निर्देश भी दिया गया। जल, छाछ वितरण केंद्र, अस्थायी आश्रय, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा शिविर और स्वच्छता सुविधाओं की व्यवस्था को भी पुनः जांचा गया।
उच्च स्तर की भागीदारी
जीवीएमसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश, अतिरिक्त आयुक्त सत्यवाणी, मुख्य इंजीनियर सत्यनारायण राव, गोपालपट्नाम पुलिस स्टेशन के इन्स्पेक्टर संन्यासी नायडू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इस निरीक्षण में मौजूद थे। उन्होंने सुनिश्चित किया कि दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान कोई भी श्रद्धालु असुविधा का सामना न करे।
भविष्य की दिशा
गिरि परिक्रमा के सफल संचालन के लिए इस तरह के विस्तृत पूर्व‑निरीक्षण और सहयोगात्मक योजना बनाना आवश्यक है। इस वर्ष भी प्रशासन ने स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवकों और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने की योजना बनाई है, जिससे धार्मिक पर्यटन को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।