बेंगलुरु में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित लालबाग फूल शो का विषय पश्चिमी गंगा राजवंश चुना गया है। इसमें गंगा काल की वास्तुकला, मंदिर और जल सिंचन प्रणाली को फूलों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। शो 6‑17 अगस्त तक 12 दिनों तक चलेगा।

मुख्य बिंदु

  • लालबाग फूल शो का विषय पश्चिमी गंगा राजवंश है
  • प्रदर्शनों में गंगा काल की वास्तुकला और जल प्रबंधन को दिखाया जाएगा
  • भविष्य में कादंब, चोल, चालुकी, होयसला और राष्ट्रकूट जैसे अन्य राजवंशों को भी विषय बनाया जाएगा

पश्चिमी गंगा थीम का चयन

बेंगलुरु के बागवानी विभाग ने 15 अगस्त, 2026 को मनाए जाने वाले 79वें स्वतंत्रता दिवस के लिये लालबाग फूल शो का विषय पश्चिमी गंगा राजवंश तय किया है। विभाग के सहायक निदेशक एम. जगदीश ने बताया कि 20 संभावित विकल्पों में से इस थीम को मुख्यमंत्री कार्यालय की मंज़ूरी मिली।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

पश्चिमी गंगा राजवंश ने 350 ई. से 1000 ई. तक दक्षिण कर्नाटक में एकीकृत राज्य स्थापित किया। उन्होंने जलसिंचन में अग्रणी भूमिका निभाई, कावेरी नदी के किनारों पर कई बांध और नहरें बनाई। इस अवधि के प्रसिद्ध स्मारक, जैसे श्रवणबेलागोला का भीमहाबली प्रतिमा, इनकी शिल्पकला का प्रमाण हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि सांस्कृतिक थीम वाले फूल शो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय इतिहास के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं। इस बार गंगा राजवंश की जलसिंचन तकनीक को दर्शाना, जल संरक्षण के आधुनिक महत्व को उजागर करेगा।

"पश्चिमी गंगा की जल प्रबंधन प्रणाली आज भी कृषि में प्रेरणा देती है," विशेषज्ञ डॉ. रामेश्वरन ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: गंगा काल में निर्मित टालाकड़ के मंदिरों की वास्तुकला दक्षिण भारतीय शैली का प्रारम्भिक रूप माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: फूल शो में किस प्रकार की मॉडल प्रदर्शित की जाएँगी?
उत्तर: ग्लास हाउस में गंगा राजवंश की राजधानी, प्रमुख शासकों और जलसिंचन संरचनाओं की विस्तृत मॉडल दिखाए जाएँगे।

प्रश्न 2: भविष्य के शो में कौन‑से अन्य राजवंशों को विषय बनाया जाएगा?
उत्तर: कादंब, चोल, चालुकी, होयसला और राष्ट्रकूट राजवंशों को अगली थीम के रूप में विचार किया गया है।