श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रीशैलम मंदिर प्रबंधन ने स्पर्श दर्शन और अर्जिता सेवा के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। विशेष दिनों पर कुछ सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।

मुख्य बातें

  • श्रावण मास (13 अगस्त से) के दौरान दर्शन सेवाओं में बदलाव।
  • शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को 'अर्जिता अभिषेक' और 'अर्जिता कुंकुमार्चना' निलंबित।
  • भीड़ वाले दिनों में केवल रात 8:30 बजे एक स्लॉट में 250 स्पर्श दर्शन टिकट उपलब्ध।
  • 80% टिकट 'मनमित्र व्हाट्सएप सेवा' के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं।

आगामी श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए, श्रीशैलम मंदिर ट्रस्ट बोर्ड ने दर्शन व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। मंदिर ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष पोथुगुंटा रमेश नायडू और कार्यकारी अधिकारी एम. श्रीनिवास राव ने बताया कि 13 अगस्त से शुरू होने वाले इस पवित्र महीने में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ने की उम्मीद है।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए, प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में कुछ विशिष्ट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी जाएंगी। विशेष रूप से शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को कुल 19 दिनों के लिए 'अर्जिता अभिषेक' और 'अर्जिता कुंकुमार्चना' सेवाओं को निलंबित रखा जाएगा।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, श्रीशैलम जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रावण मास के दौरान भीड़ का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती होती है। सेवाओं को सीमित करने का उद्देश्य दर्शन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना और भगदड़ जैसी स्थितियों को रोकना है।

भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल माध्यमों और सेवाओं के सीमित घंटों का उपयोग एक रणनीतिक कदम है।

भीड़ वाले दिनों में, स्पर्श दर्शन के लिए केवल रात 8:30 बजे के एक ही स्लॉट में 250 टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, अन्य दिनों में, भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी के लिए स्पर्श दर्शन के तीन नियमित स्लॉट (सुबह 7:30, दोपहर 12:30 और रात 9:00 बजे) जारी रहेंगे।

टिकट बुकिंग प्रक्रिया

प्रबंधन ने भक्तों के लिए टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए एक आधुनिक प्रणाली लागू की है। अब 80% टिकट 'मनमित्र व्हाट्सएप सेवा' के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं, जबकि शेष 20% टिकट देवस्थानम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध होंगे। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से आग्रह किया है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले अग्रिम रूप से टिकट बुक कर लें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

श्रीशैलम मंदिर, जो भगवान मल्लिकार्जुन और माता भद्रकाली को समर्पित है, भारत के सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंगों में से एक है। श्रावण मास के दौरान, इस मंदिर का महत्व कई गुना बढ़ जाता है क्योंकि देश भर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

क्या आप जानते हैं?: श्रीशैलम मंदिर न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि कर्नाटक और महाराष्ट्र के भक्तों के लिए भी एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या सभी दिनों में अर्जिता अभिषेक उपलब्ध है?
नहीं, शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को यह सेवा निलंबित रहेगी।

2. टिकट कैसे बुक करें?
आप मनमित्र व्हाट्सएप सेवा या देवस्थानम की वेबसाइट के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं।