कामिका एकादशी 2026 में द्विपुष्कर योग के साथ आती है, जिससे इस पवित्र दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। प्रमुख पूजा मुहूर्त और व्रत पारण का समय जानकर भक्त अपने अनुष्ठान को सही समय पर कर सकते हैं।
मुख्य बिंदु
- कामिका एकादशी 2026 पर द्विपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग
- पूजा के लिए चार प्रमुख शुभ मुहूर्त
- व्रत का पारण 10 अगस्त सुबह निर्धारित
कामिका एकादशी हिन्दू पंचांग में अत्यंत पुण्यदायक मानी जाती है, और 2026 में यह विशेष रूप से द्विपुष्कर योग के साथ आती है, जो आध्यात्मिक साधना में अत्यधिक लाभ प्रदान करती है।
पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी 8 अगस्त 2026 की रात 01:59 बजे शुरू होगी और 9 अगस्त 2026 को सुबह 11:04 बजे समाप्त होगी। व्रत का पालन 9 अगस्त रविवार को किया जाएगा।
Historical Background
ब्राह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, कामिका एकादशी का व्रत और विधिपूर्वक पूजा करने से साधक को अश्वमेध और वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य फल मिलता है। यह एकादशी विष्णु तथा शिव दोनों की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से महत्व रखती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the dual Pushkar Yoga occurring this year amplifies the auspiciousness, encouraging millions of devotees to observe the fast with heightened devotion, potentially influencing regional pilgrimages and temple footfall.
"कामिका एकादशी का द्विपुष्कर योग दुर्लभ है, जिससे शुद्धि और मोक्ष की संभावनाएँ बढ़ती हैं," कहते हैं वैदिक विद्वान डॉ. अजय सिंह।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कामिका एकादशी का पारण कब करना चाहिए?
उत्तर: पारण 10 अगस्त 2026 को सुबह 5:50 बजे से 8:00 बजे तक किया जा सकता है।
प्रश्न 2: कौन से समय पूजा के लिए सबसे शुभ हैं?
उत्तर: ब्रह्म मुहूर्त (4:02‑4:45), अमृत काल (6:42‑8:09), अभिजीत मुहूर्त (11:37‑12:30) और विजय मुहूर्त (14:15‑15:07) प्रमुख हैं।