एंडोमेंट मंत्री अनंत रामनारायण रेड्डी ने विजयवाड़ा के प्रसिद्ध कनक दुर्गा मंदिर में ₹52.50 करोड़ की लागत से बने नए अन्नदानम और महाप्रसादम भवनों का उद्घाटन किया। मंदिर परिसर में भीड़ कम करने के लिए दूसरे घाट रोड के निर्माण की योजना भी बनाई जा रही है।
- ₹52.50 करोड़ की लागत से अन्नदानम और महाप्रसादम भवनों का निर्माण पूरा।
- इंद्रकीलाद्रि पर ट्रैफिक जाम से राहत के लिए दूसरे घाट रोड का प्रस्ताव।
- भक्तों की सुविधा के लिए कुम्मारिपलेम में 7 मंजिला बहुउद्देशीय भवन की योजना।
- दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित प्रसिद्ध श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी वरला देवस्थानम (कनक दुर्गा मंदिर) के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा। एंडोमेंट मंत्री अनंत रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को इंद्रकीलाद्रि की चोटी पर स्थित मंदिर में ₹52.50 करोड़ की लागत से निर्मित श्री कनकदुर्गा अन्नदानम सदन और श्री दुर्गा भवानी महाप्रसादम भवन का औपचारिक उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मंत्री रेड्डी और विजयवाड़ा के सांसद केसिनिनी सिवनथ ने भक्तों को अन्नप्रसाद वितरित किया। ₹26 करोड़ की लागत से बने अन्नदानम सदन का कुल निर्मित क्षेत्र 5,400 वर्ग मीटर है, जो बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन की सुविधा प्रदान करेगा। वहीं, महाप्रसादम भवन में प्रसाद बनाने की अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विकास?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, कनक दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुनियादी ढांचे का विस्तार करना अनिवार्य हो गया था। वर्तमान में इंद्रकीलाद्रि पर यातायात का भारी दबाव रहता है, जिसे कम करने के लिए सरकार ने एक ठोस रणनीति तैयार की है।
मंत्री ने घोषणा की कि इंद्रकीलाद्रि पर ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए एक दूसरे घाट रोड के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुम्मारिपलेम से लगभग 700 मीटर लंबी सड़क बनाने का प्रस्ताव वर्तमान में सड़क और भवन विभाग द्वारा अध्ययन के अधीन है।
इंद्रकीलाद्रि का बुनियादी ढांचा सुधारना केवल मंदिर का विकास नहीं, बल्कि लाखों भक्तों की आस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए, मंत्री ने बताया कि कुम्मारिपलेम में टीटीडी (TTD) की लगभग तीन एकड़ भूमि का उपयोग करने की योजना है। यहाँ एक 7-मंजिला इमारत प्रस्तावित है जिसमें मल्टी-लेवल पार्किंग और ठहरने की व्यवस्था होगी, जिससे एक समय में लगभग 15,000 भक्त लाभान्वित हो सकेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
विजयवाड़ा का कनक दुर्गा मंदिर सदियों से शक्ति उपासना का एक प्रमुख केंद्र रहा है। कृष्णा नदी के तट पर इंद्रकीलाद्रि पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है।
Frequently Asked Questions
1. नए भवनों का निर्माण कितने बजट में हुआ है?
इन भवनों का निर्माण कुल ₹52.50 करोड़ की लागत से किया गया है।
2. ट्रैफिक की समस्या को कैसे हल किया जाएगा?
सरकार कुम्मारिपलेम से एक नया 700 मीटर लंबा घाट रोड बनाने की योजना पर काम कर रही है।