देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मुंबई के लालबागचा राजा से लेकर तमिलनाडु के मंदिरों तक, श्रद्धालु विघ्नहर्ता के दर्शन के लिए कतारों में खड़े हैं।

  • देशभर में गणेश चतुर्थी का उत्सव शुरू, मंदिरों और घरों में भक्ति का माहौल।
  • मुंबई के लालबागचा राजा और तमिलनाडु के पिल्लैयारपट्टी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने दी शुभकामनाएं।
  • कोलकाता में 'परिवर्तन' थीम पर गणेश उत्सव का अनूठा आयोजन।

गणेश चतुर्थी 2026 के पावन अवसर पर आज पूरा भारत भक्ति के रंग में सराबोर है। सुबह से ही 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों के साथ देश के कोने-कोने में उत्सव का माहौल है। मुंबई की गलियों से लेकर दक्षिण भारत के मंदिरों तक, श्रद्धालु अपने प्रिय देवता, विघ्नहर्ता श्री गणेश के दर्शन के लिए व्याकुल हैं।

प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ी भीड़

मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। माना जाता है कि लालबागचा राजा के दर्शन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही कारण है कि यहाँ सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु में पिल्लैयारपट्टी स्थित करपगा विनायकर मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यहाँ का वातावरण मंत्रोच्चार और भक्ति से ओतप्रोत है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि गणेश चतुर्थी केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता और आर्थिक गतिशीलता का भी प्रतीक है। बड़े पैमाने पर होने वाले इन आयोजनों से स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलता है।

गणेश चतुर्थी का पर्व सामाजिक समरसता और नई शुरुआत का प्रतीक है, जो भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी इस बार गणेश उत्सव का एक अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है। बागुईआटी इलाके में आयोजित उत्सव की थीम 'परिवर्तन - विकसित बंगाल की ओर' रखी गई है, जो धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक प्रगति के संदेश को जोड़ती है।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होती है और अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होती है। यह उत्सव आमतौर पर 10 दिनों तक चलता है। ऐतिहासिक रूप से, लोकमान्य तिलक ने इस उत्सव को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के रूप में विकसित किया था ताकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों को एकजुट किया जा सके।

Did You Know?: कुछ गणेश प्रतिमाएं इतनी समृद्ध होती हैं कि उनका बीमा करोड़ों में होता है, जैसे कुछ प्रसिद्ध पंडालों में सोने और चांदी के आभूषणों का उपयोग किया जाता है।

Frequently Asked Questions

1. गणेश चतुर्थी 2026 के लिए स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
14 सितंबर को स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11:03 बजे से दोपहर 01:31 बजे तक है।

2. गणेश उत्सव कितने दिनों तक चलता है?
यह उत्सव आमतौर पर 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन के साथ संपन्न होता है।