तेलंगाना में SERP और Humble Bee की पहल से जनजातीय महिलाएं अब पारंपरिक जोखिम भरे तरीकों के बजाय वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सुरक्षित आजीविका प्रदान कर रहा है।

  • SERP और Humble Bee के सहयोग से 1,500 जनजातीय महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य।
  • पारंपरिक जंगली शहद संग्रह के खतरों को कम करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग।
  • प्रत्येक महिला के लिए लगभग ₹64,000 का निवेश और ₹50,000 तक की वार्षिक आय की संभावना।

तेलंगाना के जंगलों में शहद इकट्ठा करना कभी एक जोखिम भरा काम हुआ करता था, लेकिन अब तकनीक और प्रशिक्षण ने इस उद्योग की तस्वीर बदल दी है। Society for Elimination of Rural Poverty (SERP) और Humble Bee (Buzzworthy Ventures Private Limited) के बीच हुए एक तीन वर्षीय समझौते के तहत, जनजातीय महिलाओं को वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन (Scientific Beekeeping) में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

मुुलुगु जिले की मंकिडी प्रशांतथी जैसी महिलाओं के लिए, यह उनके परिवार की आजीविका में एक बड़ा बदलाव है। पहले उनके पति जंगल में जाकर जंगली शहद निकालते थे, जिससे साल में ₹30,000 से ₹50,000 तक की आय होती थी। लेकिन जलवायु परिवर्तन और जंगलों में बदलाव के कारण अब जंगली शहद मिलना कठिन और असुरक्षित हो गया है।

खतरों से सुरक्षा और स्थिरता

पारंपरिक रूप से शहद निकालने के लिए पुरुषों को घने जंगलों में जाना पड़ता था, जहाँ दुर्घटनाओं और जानमाल के नुकसान का भारी खतरा रहता था। नागркуर्नूर जिले की चिगुर्ला मल्लेश्वरी बताती हैं कि इस प्रक्रिया में कई बार लोग विकलांग हो जाते थे या उनकी जान चली जाती थी। वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन ने इस जोखिम को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिससे महिलाएं अपने घरों के पास सुरक्षित रूप से काम कर सकती हैं।

वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन न केवल आय का एक स्थिर स्रोत है, बल्कि यह जनजातीय समुदायों के लिए सुरक्षा कवच भी है।

परियोजना का विस्तार और आर्थिक प्रभाव

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक पूर्ण 'वैल्यू चेन' बनाने की दिशा में कदम है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत 15,000 मधुमक्खी के बक्से स्थापित करने का लक्ष्य है।

विशेषतापारंपरिक शहद संग्रहवैज्ञानिक मधुमक्खी पालन
जोखिम का स्तरअत्यधिक उच्च (जानलेवा)न्यूनतम (सुरक्षित)
आय की स्थिरताअनिश्चित (जंगल पर निर्भर)स्थिर और अनुमानित
प्रशिक्षणअनुभव आधारिततकनीकी और वैज्ञानिक

इस परियोजना का कुल बजट ₹12 करोड़ है। प्रत्येक महिला को 10 कॉलोनियों का प्रबंधन करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें लगभग ₹64,000 का निवेश शामिल है। Humble Bee इन महिलाओं द्वारा उत्पादित शहद की खरीद (Buy-back) की गारंटी भी देता है।

भविष्य की राह: 'बी सखियाँ'

कार्यक्रम के तहत कुछ महिलाओं को 'बी सखी' के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो अपने गांवों में अन्य मधुमक्खी पालकों को तकनीकी सहायता प्रदान करेंगी। इससे ग्रामीण स्तर पर एक नेतृत्वकारी महिला पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।

Did You Know?: मधुमक्खी पालन न केवल शहद देता है, बल्कि यह फसलों के परागण (Pollination) में मदद करके कृषि उत्पादन को भी बढ़ाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य जनजातीय महिलाओं को सुरक्षित, स्थायी और वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

प्रश्न 2: क्या महिलाओं को शहद बेचने के लिए बाजार ढूंढना होगा?
उत्तर: नहीं, Humble Bee एक 'बाय-बैक' व्यवस्था के तहत उत्पादित शहद खरीदने का प्रबंध करता है।