एक 12‑साल का पश्चिमी‑नीचे‑भूमि गोरिला, मिज़ानी, को गंभीर मैस्टॉइड संक्रमण के कारण विश्व की पहली खोपड़ी सर्जरी—मास्टॉइडेक्टॉमी—से गुजरना पड़ा। विशेषज्ञों ने इसे गोरिलाओं में दर्ज सबसे पहला शल्य‑प्रक्रिया बताया और वह अब स्वस्थ हो रहा है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • मिज़ानी नामक 12‑साल का गोरिला पहली बार मैस्टॉइडेक्टॉमी करवा रहा है।
  • यह शल्य‑प्रक्रिया गोरिलाओं में कभी दर्ज नहीं हुई, जिससे पशु‑स्वास्थ्य में नया अध्याय खुला है।
  • सर्जरी के सफल परिणाम से संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण में नई आशा मिली है।

सैन डिएगो ज़ू सफारी पार्क में स्थित 12‑साल का पश्चिमी‑नीचे‑भूमि गोरिला मिज़ानी को मार्च 2026 में दिखने वाले असामान्य व्यवहार के कारण जांच के तहत गंभीर मैस्टॉइड संक्रमण का पता चला। वह पूरी तरह से मुँह नहीं खोल पाता, भोजन में कमी और सिर दर्द के संकेत दिखा रहा था, जिससे वेटरिनरी टीम ने तुरंत सीटी स्कैन किया। स्कैन ने सिर की हड्डी के पीछे स्थित मैस्टॉइड हड्डी में संक्रमण (मैस्टॉइडाइटिस) और साइनसाइटिस दोनों की पुष्टि की।

पशु‑स्वास्थ्य में दुर्लभ रोग

मैस्टॉइडाइटिस मनुष्यों में भी ज्ञात है, पर बड़े एप्स जैसे गोरिलाओं में इसके दस्तावेज़ अत्यंत सीमित हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि संक्रमण मिज़ानी के सफ़ारी पार्क में प्रवेश करने से पहले ही विकसित हो गया था, क्योंकि रोग का विस्तार पहले ही खोपड़ी के कई हिस्सों में हो चुका था। इस कारण शल्य‑हस्तक्षेप को एकमात्र प्रभावी उपाय माना गया।

बहु‑विषयक टीम और सर्जरी की तैयारी

सफ़ारी पार्क ने यूसी सैन डिएगो हेल्थ के विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक बहु‑विषयक टीम गठित की। टीम में ऑटोलैरिंजोलॉजिस्ट‑हेड‑एंड‑नेक सर्जन डॉ. जेफ़्री हैरिस, निवासी फेलो डॉ. क्रिस सुरेश और कई अनुभवी पशु‑वेटरिनरी तकनीशियन शामिल थे। गोरिलाओं की हड्डी बनावट मनुष्यों से समान होती है, पर सूक्ष्म अंतर के कारण मौजूदा मानवीय तकनीकों को अनुकूलित करना पड़ा। टीम ने कई घंटे सीटी स्कैन का विश्लेषण किया और मिज़ानी की अनूठी शारीरिक रचना के अनुरूप एक विशेष शल्य‑प्रोटोकॉल तैयार किया।

सर्जरी का चरणबद्ध विवरण

पाँच घंटे के दौरान, सर्जन ने मिज़ानी के बाएँ सिर पर एक सावधानीपूर्वक चीरा लगाया, संक्रमणित भाग को निकालते हुए मैस्टॉइड हड्डी के क्षतिग्रस्त हिस्सों को साफ़ किया। सर्जरी के बाद संक्रमण को पूरी तरह से ड्रेन किया गया और टिश्यू को ठीक से बंद किया गया। कुल मिलाकर 20 से अधिक पेशेवरों ने इस जटिल प्रक्रिया में योगदान दिया।

भविष्य के लिए महत्व

यह सफलता पशु‑स्वास्थ्य और मानव‑चिकित्सा के बीच सहयोग को नई दिशा देती है। सफ़ारी पार्क के वरिष्ठ वेटरिनरी रायन सैडलर ने कहा कि इस प्रकार की सर्जरी गोरिलाओं जैसे संकटग्रस्त प्रजातियों के उपचार में एक नया मानक स्थापित कर सकती है। मिज़ानी की वर्तमान पुनर्वास रिपोर्ट दर्शाती है कि वह धीरे‑धीरे सामान्य व्यवहार में लौट रहा है, जिससे इस नवोन्मेषी शल्य‑प्रक्रिया की प्रभावशीलता सिद्ध होती है।