एक नए नैदानिक परीक्षण (Clinical Trial) में पाया गया है कि कैनबिस से बनी दवा 'ड्रोनबिनोल' PTSD से जुड़े भयानक सपनों को काफी हद तक कम कर सकती है। अध्ययन के अनुसार, एक तिहाई से अधिक मरीजों के बुरे सपने पूरी तरह गायब हो गए।
मुख्य बातें
- ड्रोनबिनोल (Dronabinol) नामक दवा ने PTSD मरीजों के बुरे सपनों की गंभीरता को काफी कम किया।
- अध्ययन में शामिल 33% से अधिक मरीजों के डरावने सपने पूरी तरह समाप्त हो गए।
- यह शोध बर्लिन के Charité – Universitätsmedizin द्वारा किया गया है।
- दवा के मुख्य दुष्प्रभावों में चक्कर आना और सिरदर्द शामिल हैं, लेकिन कोई गंभीर समस्या नहीं देखी गई।
पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) से पीड़ित लोगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण जागी है। Nature Medicine में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार, कैनबिस से प्राप्त सक्रिय यौगिक Tetrahydrocannabinol (THC) युक्त दवा, 'ड्रोनबिनोल', उन मरीजों के लिए प्रभावी साबित हुई है जो बार-बार आने वाले डरावने सपनों से परेशान हैं।
PTSD के बुरे सपने: एक गंभीर समस्या
PTSD अक्सर युद्ध, हिंसा, दुर्घटनाओं या किसी बड़े जीवन के आघात के बाद विकसित होता है। इसका सबसे कष्टदायक लक्षण बार-बार आने वाले बुरे सपने हैं, जिनमें मरीज अपने दर्दनाक अनुभवों को फिर से जीता है। यह स्थिति नींद की कमी, चिंता और जीवन की गुणवत्ता में भारी गिरावट का कारण बनती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वर्तमान में जर्मनी और कई अन्य देशों में PTSD से जुड़े बुरे सपनों के लिए कोई विशेष रूप से अनुमोदित दवा उपलब्ध नहीं है। यह शोध चिकित्सा जगत में एक बड़ा बदलाव ला सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर नींद के उस चरण (REM sleep) को लक्षित करता है जहाँ डरावने सपने आते हैं।
मुख्य शोधकर्ता प्रो. स्टीफन रोपके के अनुसार, सपनों को सीधे लक्षित करने से PTSD रोगियों को महत्वपूर्ण राहत मिल सकती है, भले ही अन्य लक्षण बने रहें।
170 से अधिक वयस्कों पर किए गए इस 10-सप्ताह के 'डबल-ब्लाइंड' अध्ययन में पाया गया कि ड्रोनबिनोल लेने वाले मरीजों में बुरे सपनों की तीव्रता में 3.7 अंकों की कमी आई, जबकि प्लेसबो समूह में यह केवल 2.2 अंक थी।
तुलनात्मक प्रभाव: ड्रोनबिनोल बनाम प्लेसबो
| विशेषता | ड्रोनबिनोल (THC) | प्लेसबो (Placebo) |
|---|---|---|
| बुरे सपनों में कमी (स्केल पर) | 3.7 अंक | 2.2 अंक |
| सपने पूरी तरह गायब हुए | >33% मरीज | नगण्य |
| स्वास्थ्य में सुधार | लगभग 83% मरीज | कम प्रभाव |
हालांकि यह दवा बुरे सपनों को कम करने में अत्यधिक प्रभावी रही, लेकिन शोधकर्ताओं ने नोट किया कि इसने समग्र PTSD या अवसाद (Depression) के स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया। इसका मुख्य लाभ मरीजों को शांतिपूर्ण नींद प्रदान करना है।
Frequently Asked Questions
1. क्या इस दवा के कोई गंभीर दुष्प्रभाव हैं?
अध्ययन के अनुसार, कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं देखे गए। कुछ मरीजों को हल्का सिरदर्द, चक्कर आना या भूख बढ़ने जैसी समस्या हो सकती है।
2. क्या यह दवा PTSD को पूरी तरह ठीक कर सकती है?
नहीं, यह दवा मुख्य रूप से नींद और बुरे सपनों के लक्षणों को लक्षित करती है, न कि PTSD के मूल कारणों को।