नासा के अंतरिक्षयात्री अनिल मेनन और जेसिका मेर ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के बाहर 6.5 घंटे की स्पेसवॉक की। उन्होंने भविष्य में स्थापित होने वाले रोल‑आउट सौर पैनलों के लिए आवश्यक माउंटिंग हार्डवेयर स्थापित किया।

मुख्य बिंदु

  • स्पेसवॉक की अवधि: 6.5 घंटे
  • उद्देश्य: 3B पावर चैन के लिए माउंटिंग हार्डवेयर स्थापित करना
  • भविष्य के सौर पैनल इंस्टॉलेशन के लिए आधार तैयार

नासा के अंतरिक्षयात्री अनिल मेनन और जेसिका मेर ने गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के बाहर एक महत्वपूर्ण स्पेसवॉक किया। यह 6.5 घंटे चलने वाला मिशन स्टेशन के 3B पावर चैन को नई रोल‑आउट सौर पैनलों के लिए तैयार करने हेतु माउंटिंग हार्डवेयर स्थापित करने पर केंद्रित था।

स्पेसवॉक के दौरान, दोनों अंतरिक्षयात्री ने विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए टूल्स का उपयोग करके हार्डवेयर को सुरक्षित रूप से स्थापित किया, जिससे भविष्य में ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। यह कार्य नासा की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है, जो आईएसएस को अधिक स्वायत्त और टिकाऊ बनाने की दिशा में है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस प्रकार की सौर पैनल अपग्रेड न केवल स्टेशन की ऊर्जा स्थिरता को बढ़ाएगी, बल्कि पृथ्वी पर भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए भी एक परीक्षण स्थल प्रदान करेगी। बढ़ी हुई ऊर्जा आपूर्ति भविष्य में अधिक जटिल प्रयोगों और दीर्घकालिक मानव मिशनों को सक्षम करेगी।

"नासा की इस सौर पैनल पहल से अंतरिक्ष स्टेशन की ऊर्जा दक्षता में 30% तक सुधार की उम्मीद है," विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: आईएसएस को अब तक कुल 30 से अधिक स्पेसवॉक किए जा चुके हैं, जिनमें से कई ने स्टेशन के बाहरी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्पेसवॉक के दौरान किन चुनौतियों का सामना किया गया? मुख्य चुनौती वैक्यूम में उपकरणों को संभालना और समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करना था।

नए सौर पैनल कब स्थापित होंगे? हार्डवेयर की स्थापना के बाद अगला चरण अगले दो वर्षों में शुरू होने की संभावना है।