भारत सरकार ने मध्य पूर्व में हॉर्मुज जलन के कारण घरेलू रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किए हैं। रिलायंस को सबसे बड़ा कोटा मिला, जिससे देश की गैस सुरक्षा नेटवर्क मजबूत होगी।
मुख्य बिंदु
- सरकार ने रिफाइनरियों के लिए विशिष्ट एलपीजी उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किए।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे बड़ा कोटा मिला, लगभग 30% कुल लक्ष्य का।
- हॉर्मुज जलन के कारण आयात निर्भरता घटाने की रणनीति को तेज किया गया।
नई दिल्ली – मध्य पूर्व में जारी हॉर्मुज जलन के बाद, भारत ने एलपीजी (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी की योजना बनाई है। आर्थिक मंत्रालय ने रिफाइनरियों को उत्पादन लक्ष्य दिया, जिससे घरेलू गैस आपूर्ति में सुरक्षा जाल स्थापित हो सके।
रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे बड़ा कोटा आवंटित किया गया, जो कुल लक्ष्य का लगभग 30% है। इससे कंपनी को अपने मौजूदा टैंकों और पाइपलाइन नेटवर्क का उपयोग करके उत्पादन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। अन्य बड़े रिफाइनरियों को भी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिससे कुल मिलाकर एलपीजी उत्पादन में 2024‑25 तक 20% तक वृद्धि की उम्मीद है।
यह कदम सरकार की ऊर्जा सुरक्षा नीति का हिस्सा है, जिसमें आयात निर्भरता कम करके घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। हॉर्मुज जलन से संभावित तेल और गैस आपूर्ति में व्यवधान को देखते हुए, इस नीति को रणनीतिक महत्व दिया गया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that boosting domestic LPG output not only cushions India against geopolitical shocks but also aligns with its long‑term goal of reducing fossil fuel imports and stabilizing consumer prices.
"उच्च कोटा वाले रिफाइनरियों को प्रोत्साहन देने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा," कहा ऊर्जा विश्लेषक प्रो. अंशु शेट्टी।
Frequently Asked Questions
एलपीजी उत्पादन लक्ष्य कब लागू होंगे? लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष के शुरू में लागू होते हुए, 2024‑25 तक पूरी तरह से लागू हो जाएंगे।
हॉर्मुज जलन का भारत की ऊर्जा नीति पर क्या असर पड़ेगा? यह संकट आयात‑निर्भरता को घटाने और घरेलू उत्पादन को तेज करने की दिशा में नीति को तेज करता है।