NOAA के क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर ने 2026 के अंत तक 'अत्यंत शक्तिशाली' एल नीनो की संभावना को बढ़ाकर 95% कर दिया है, जिससे उत्तरी अमेरिका और दुनिया भर में मौसम के मिजाज में भारी बदलाव आने की आशंका है।
- 2026 के अंत तक 'अत्यंत शक्तिशाली' एल नीनो की संभावना बढ़कर 95% हो गई है।
- रिलेटिव ओशनिक नीनो इंडेक्स (RONI) +2.5°C तक पहुँच सकता है, जो 1950 के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड होगा।
- पूर्वानुमान के अनुसार अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों में अत्यधिक बारिश और उत्तर-पश्चिम में सूखे जैसी स्थिति बन सकती है।
नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर (CPC) ने 2026-27 की सर्दियों को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। ताजा आकलन के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच एक 'अत्यंत शक्तिशाली' एल नीनो (El Niño) घटना होने की संभावना, जो जुलाई में 81% थी, अब बढ़कर 95% हो गई है। यह संकेत देता है कि उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में तापमान उस स्तर तक बढ़ सकता है जो इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया।
वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, इस बात की 69% संभावना है कि रिलेटिव ओशनिक नीनो इंडेक्स (RONI) +2.5°C (+4.5°F) के स्तर को पार कर जाएगा। यदि ऐसा होता है, तो यह 1950 से NOAA द्वारा रखे गए सभी पिछले रिकॉर्ड्स को तोड़ देगा। वर्तमान में अक्टूबर-दिसंबर के लिए औसत अनुमान +2.66°C है, जो प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में अत्यधिक गर्मी को दर्शाता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, इस स्तर का एल नीनो केवल एक मौसम संबंधी घटना नहीं है, बल्कि यह वैश्विक कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है। जब प्रशांत महासागर इतना अधिक गर्म होता है, तो यह 'जेट स्ट्रीम' के मार्ग को बदल देता है, जिससे पूरी दुनिया में बारिश और तापमान का पैटर्न बदल जाता है। अमेरिका के संदर्भ में, इसका मतलब दक्षिणी राज्यों में विनाशकारी बाढ़ और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में भीषण सूखा हो सकता है।
"प्रशांत महासागर में गर्मी की यह तीव्र गति दर्शाती है कि समुद्री और वायुमंडलीय प्रणालियां एक चरम स्तर पर काम कर रही हैं, जो ENSO की हमारी पुरानी समझ को बदल सकती हैं।"
इस गर्मी के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी हवाओं का असामान्य प्रवाह है, जो सामान्य व्यापारिक हवाओं (trade winds) को कमजोर कर रहा है। इससे समुद्र की गहराई में मौजूद गर्म पानी पूर्व की ओर खिसक रहा है। डाउनवेलिंग केल्विन वेव्स, जिनकी पहचान दिसंबर 2025 में ही हो गई थी, ने इस गर्मी को सतह तक पहुँचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
दुनिया भर के अन्य जलवायु केंद्र भी इसी तरह के संकेत दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के ब्यूरो ऑफ मेटियोरोलॉजी (BoM) ने बताया कि जुलाई में भूमध्यरेखीय ऊपरी-महासागर की गर्मी का स्तर 1979 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर था। इसी तरह, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने जुलाई में +2.5°C का तापमान दर्ज किया, जो 1997 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बराबर है।
| संस्था | इंडेक्स/मापदंड | मुख्य निष्कर्ष |
|---|---|---|
| NOAA (USA) | RONI | 'अत्यंत शक्तिशाली' घटना की 95% संभावना |
| BoM (ऑस्ट्रेलिया) | Niño3.4 | 1979 के बाद सबसे अधिक गर्मी |
| JMA (जापान) | NINO.3 | 1997 के रिकॉर्ड की बराबरी (+2.5°C) |
हालांकि, NOAA ने आगाह किया है कि एक शक्तिशाली एल नीनो का मतलब यह नहीं है कि हर जगह एक जैसा असर होगा। यह केवल स्थापित मौसम पैटर्न की संभावना को बढ़ाता है, लेकिन यह किसी एक विशेष तूफान या कोल्ड वेव की सटीक भविष्यवाणी नहीं करता। फिर भी, मौजूदा रुझान उत्तर और पश्चिम अमेरिका में असामान्य गर्मी और दक्षिण-पूर्व में भारी बारिश की ओर इशारा कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्या इस एल नीनो से अमेरिका में अधिक बर्फबारी होगी?
उत्तर: आमतौर पर, एल नीनो के दौरान उत्तर-पश्चिम अमेरिका में सूखा रहता है, जबकि दक्षिणी हिस्सों में बारिश बढ़ जाती है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बर्फ के बजाय अधिक बारिश हो सकती है।
प्रश्न: RONI अन्य इंडेक्स से कैसे अलग है?
उत्तर: RONI, BoM का Niño3.4 और JMA का NINO.3 अलग-अलग क्षेत्रों और गणना पद्धतियों का उपयोग करते हैं, इसलिए इनके मानों की सीधे तुलना नहीं की जा सकती।