उपग्रहों द्वारा अरब सागर में देखी गई असामान्य शांति भारत के मानसून को प्रभावित कर रही है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश में भारी कमी देखी जा रही है।
- अरब सागर में बादलों की गतिविधि में भारी कमी देखी गई है।
- भारत में जून से अब तक बारिश सामान्य से 13% कम रही है।
- मानसून के वापस लौटने की संभावना सितंबर के मध्य तक है।
हालिया उपग्रह चित्रों, विशेष रूप से INSAT-3DS और अंतरराष्ट्रीय मौसम निगरानी प्रणालियों से प्राप्त आंकड़ों ने एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। अरब सागर, जो भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए नमी का मुख्य स्रोत है, वर्तमान में असामान्य रूप से शांत दिखाई दे रहा है। बादलों की इस कमी के कारण मानसून की सक्रियता पर सीधा असर पड़ा है, जिससे देश के एक बड़े हिस्से में बारिश का संकट खड़ा हो गया है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 4 जून से अब तक देश भर में औसत वर्षा सामान्य से 13% कम रही है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक 'रिज' (ridge) बनने के कारण पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी भारत में व्यापक बारिश को रोका जा रहा है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से आने वाले निम्न दबाव वाले तंत्रों के कारण पूर्वी भारत में कुछ राहत मिली है, लेकिन यह वितरण पूरी तरह से असमान है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अरब सागर में नमी की कमी न केवल वर्षा के पैटर्न को बदल रही है, बल्कि यह भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। यदि बंगाल की खाड़ी में नए और मजबूत निम्न दबाव वाले तंत्र विकसित नहीं होते हैं, तो मानसून का यह घाटा बढ़ सकता है, जिससे फसलों की पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।
अरब सागर में नमी की कमी मानसून के 'इंजन' को धीमा कर रही है, जिससे देश के शुष्क क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बन सकती है।
वर्तमान मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके विपरीत, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में शुष्कता बनी रहने की आशंका है। मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि हालांकि बारिश कम है, लेकिन मानसून के समय से पहले वापस लौटने की संभावना नहीं है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून की वापसी 10 से 18 सितंबर के बीच शुरू हो सकती है, जो कि जलवायु संबंधी सामान्य समय सीमा के भीतर है। इसका अर्थ है कि मानसून का परिसंचरण सितंबर के पहले पखवाड़े तक बना रहेगा, भले ही वर्षा की तीव्रता कम रहे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या मानसून समय से पहले वापस लौट जाएगा?
उत्तर: नहीं, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की वापसी सितंबर के मध्य (10-18 सितंबर) के आसपास होने की संभावना है।
प्रश्न 2: किन राज्यों में सबसे कम बारिश हो रही है?
उत्तर: राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली-NCR जैसे उत्तर-पश्चिमी राज्यों में बारिश की भारी कमी देखी जा रही है।