ब्राउन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि 'PIN' नामक एक नई आनुवंशिक म्यूटेशन मलेरिया के परजीवी को दवाओं के प्रति प्रतिरोधी बना रही है, जिससे उप-सहारा अफ्रीका में खतरा बढ़ गया है।

  • 'PIN' नामक एक नई आनुवंशिक म्यूटेशन मलेरिया परजीवी को दवाओं के प्रति प्रतिरोधी बना रही है।
  • यह म्यूटेशन मुख्य रूप से 'px1' जीन से जुड़ी है और तेजी से फैल रही है।
  • इससे लुमेफैंट्रिन (lumefantrine) जैसी महत्वपूर्ण मलेरिया रोधी दवाओं की प्रभावशीलता कम हो रही है।

उप-सहारा अफ्रीका में मलेरिया से लड़ने के लिए दशकों से उपयोग की जा रही मुख्य दवाएं अब खतरे में हैं। ब्राउन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि मलेरिया परजीवी अब उपचार के प्रति कम संवेदनशील होते जा रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इस प्रतिरोध के पीछे के आनुवंशिक कारणों की पहचान करने के लिए युगांडा से एकत्र किए गए 157 नमूनों का गहन विश्लेषण किया है।

शोध, जो नेचर मेडिसिन (Nature Medicine) में प्रकाशित हुआ है, यह खुलासा करता है कि 'px1' नामक प्रोटीन को कोड करने वाले जीन में म्यूटेशन इस समस्या का मुख्य कारण है। शोधकर्ताओं ने इन म्यूटेशन के एक समूह को 'PIN' नाम दिया है, जिसमें तीन अमीनो एसिड म्यूटेशन और दो विलोपन (deletions) शामिल हैं।

PIN म्यूटेशन का खतरनाक विस्तार

अध्ययन से पता चलता है कि PIN म्यूटेशन बहुत ही कम समय में बहुत तेजी से फैला है। शोध टीम ने पाया कि यह म्यूटेशन पहली बार 2008 के एक नमूने में देखी गई थी। इसके बाद से, इसकी व्यापकता में जबरदस्त वृद्धि हुई है। 2016 तक, उत्तरी युगांडा के आधे नमूनों में यह म्यूटेशन मौजूद थी, और 2024 तक, उत्तर में यह दर 84 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

मलेरिया अभी भी एक प्रमुख हत्यारा है, और जैसे-जैसे दवा प्रतिरोध उभर रहा है, हमें डर है कि यह इसके प्रसार को रोकने के प्रयासों को कमजोर कर देगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह खोज वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक चेतावनी है। यदि मलेरिया परजीवी दवाओं के प्रति इस तरह प्रतिरोध विकसित करते रहे, तो वर्तमान उपचार प्रोटोकॉल पूरी तरह विफल हो सकते हैं। विशेष रूप से, लुमेफैंट्रिन (lumefantrine), जो आर्टेमेथर-लुमेफैंट्रिन संयोजन का एक प्रमुख हिस्सा है, अब कम प्रभावी साबित हो रहा है।

शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला स्तर पर पुष्टि की है कि जिन परजीवियों में PIN म्यूटेशन है, वे लुमेफैंट्रिन के प्रति कम संवेदनशीलता दिखाते हैं। हालांकि, आर्टेमिसिनिन (artemisinin) के प्रति प्रतिरोध में अभी तक कोई स्पष्ट अंतर नहीं देखा गया है, जो कि एक राहत की बात हो सकती है।

Did You Know?: मलेरिया परजीवी अपनी आनुवंशिक संरचना को बहुत तेजी से बदल सकते हैं, जिससे दवाओं का असर खत्म होने का खतरा बढ़ जाता है।

Frequently Asked Questions

1. PIN म्यूटेशन क्या है?
यह px1 जीन में होने वाला एक आनुवंशिक बदलाव है जो मलेरिया परजीवी को दवाओं से बचने में मदद करता है।

2. इसका इलाज कैसे प्रभावित होगा?
यह लुमेफैंट्रिन जैसी दवाओं की प्रभावशीलता को कम कर सकता है, जिससे मलेरिया का इलाज करना कठिन हो जाएगा।