नासा का महत्वाकांक्षी नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप आज स्पेसएक्स के फाल्कन हेवी रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह मिशन डार्क मैटर और डार्क एनर्जी जैसे ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों को सुलझाने का प्रयास करेगा।

  • नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप आज फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होगा।
  • यह टेलीस्कोप पृथ्वी से 1.6 मिलियन किलोमीटर दूर L2 बिंदु पर तैनात किया जाएगा।
  • इसका मुख्य उद्देश्य डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और एक्सोप्लैनेट्स का गहन अध्ययन करना है।

नासा का नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप आज फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से स्पेसएक्स के फाल्कन हेवी रॉकेट के माध्यम से उड़ान भरने के लिए तैयार है। इस मिशन का पहला लॉन्च विंडो भारतीय समयानुसार शाम 5 बजे (7.26 am EDT) खुलने वाला है। यह मिशन खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

लॉन्च के बाद, यह टेलीस्कोप सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंज बिंदु 2 (L2) की ओर बढ़ेगा, जो पृथ्वी से लगभग 16 लाख किलोमीटर दूर है। इस रणनीतिक स्थिति से टेलीस्कोप को आकाश का एक विस्तृत और अबाधित दृश्य मिलेगा, जिससे वह ब्रह्मांड के उन क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर सकेगा जिन्हें अब तक देखना असंभव था।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह टेलीस्कोप केवल एक उपकरण नहीं बल्कि ब्रह्मांडीय मानचित्रण का एक शक्तिशाली साधन है। जहां हबल और जेम्स वेब टेलीस्कोप ब्रह्मांड के छोटे हिस्सों पर गहराई से ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं रोमन टेलीस्कोप एक साथ विशाल क्षेत्रों का सर्वेक्षण करेगा। यह 'वाइड-फील्ड' क्षमता वैज्ञानिकों को उन दुर्लभ घटनाओं को खोजने में मदद करेगी जिन्हें बाद में जेम्स वेब जैसे टेलीस्कोप द्वारा विस्तार से देखा जा सकेगा।

"हबल और जेम्स वेब ब्रह्मांड को एक छोटे छेद (keyhole) से देखते हैं, जबकि रोमन टेलीस्कोप उस दरवाजे को पूरी तरह से खोल देगा।" - निकी फॉक्स, नासा साइंस मिशन निदेशालय।

इस मिशन का एक प्रमुख लक्ष्य डार्क मैटर और डार्क एनर्जी की प्रकृति को समझना है, जो ब्रह्मांड का अधिकांश हिस्सा बनाते हैं लेकिन अदृश्य हैं। इसके अलावा, यह दूरस्थ तारों की परिक्रमा करने वाले एक्सोप्लैनेट्स की सीधी तस्वीरें लेगा, जिससे यह पता चल सकेगा कि क्या अन्य सौर मंडल हमारे अपने मंडल के समान हैं और क्या हम इस ब्रह्मांड में अकेले हैं।

लॉन्च के बाद, टेलीस्कोप को पूरी तरह कार्यात्मक होने में लगभग तीन महीने लगेंगे। इस दौरान इसके उपकरणों की तैनाती, कैलिब्रेशन और चेकआउट गतिविधियां की जाएंगी। नासा की योजना 2027 की शुरुआत में पहली वैज्ञानिक तस्वीरें जारी करने की है।

मौसम विभाग ने रविवार के लिए अनुकूल परिस्थितियों की 50 प्रतिशत संभावना जताई है। यदि आज लॉन्च नहीं हो पाता है, तो सोमवार और मंगलवार को बैकअप विंडो उपलब्ध हैं, जहां मौसम के अनुकूल होने की संभावना अधिक है।

क्या आप जानते हैं?: रोमन टेलीस्कोप का दृश्य क्षेत्र (Field of View) हबल टेलीस्कोप की तुलना में लगभग 100 गुना अधिक बड़ा है, जिससे यह बहुत कम समय में अधिक आकाश को स्कैन कर सकता है।

प्रमुख टेलीस्कोपों की तुलना

विशेषताहबल (Hubble)जेम्स वेब (JWST)रोमन (Roman)
दृष्टिकोणसंकीर्ण और गहराअत्यधिक संकीर्ण और गहराविस्तृत और व्यापक (Wide-field)
मुख्य लक्ष्यदृश्य प्रकाश/पराबैंगनीइन्फ्रारेड (प्रारंभिक ब्रह्मांड)डार्क एनर्जी/सर्वेक्षण

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: रोमन टेलीस्कोप हबल और जेम्स वेब से कैसे अलग है?
उत्तर: जहां हबल और जेम्स वेब विशिष्ट वस्तुओं पर गहराई से ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं रोमन टेलीस्कोप एक साथ आकाश के बहुत बड़े हिस्से का सर्वेक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रश्न 2: इस मिशन से हमें क्या उम्मीद है?
उत्तर: इससे डार्क एनर्जी की गुत्थी सुलझने और नए रहने योग्य ग्रहों (Exoplanets) की खोज होने की उम्मीद है।