लिवरपूल जॉन मूर यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं ने 11वीं सदी के 'कॉन्क्वेस्ट मैन' के चेहरे का पुनर्निर्माण किया है, जिससे पता चलता है कि वह न तो नॉर्मन था और न ही सैक्सन, बल्कि स्कैंडिनेवियाई था।
- 'कॉन्क्वेस्ट मैन' का डीएनए और खोपड़ी की संरचना स्कैंडिनेवियाई मूल की पुष्टि करती है।
- वह संभवतः वाइकिंग-नियंत्रित 'डेनला' (Danelaw) क्षेत्र का निवासी था।
- उसकी मृत्यु 1079 के आसपास 50 या 60 वर्ष की आयु में हुई थी।
ब्रिटिश इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ों में से एक, बैटल ऑफ हेस्टिंग्स, को आमतौर पर नॉर्मन विजय और एंग्लो-सैक्सन साम्राज्य के पतन के रूप में देखा जाता है। हालांकि, हालिया वैज्ञानिक शोध ने एक ऐसे व्यक्ति की कहानी सामने रखी है जो इस उथल-पुथल के दौर में जीवित था, लेकिन वह शायद इन दोनों गुटों में से किसी का भी हिस्सा नहीं था। इस व्यक्ति को शोधकर्ताओं ने 'कॉन्क्वेस्ट मैन' का नाम दिया है।
बार्टन-अपॉन-हंबर के सेंट पीटर्स चर्च में दफनाए गए इस अज्ञात व्यक्ति के कंकाल का विश्लेषण करने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उसके ताबूत में इस्तेमाल किए गए ओक की लकड़ी के विश्लेषण से पता चला है कि पेड़ को 1079 में काटा गया था, जो संभवतः उसकी मृत्यु का वर्ष था। शारीरिक बनावट के मामले में, वह व्यक्ति लगभग 5 फीट 1 इंच लंबा था, उसका शरीर गठीला था और उसकी हड्डियों पर कई पुराने फ्रैक्चर के निशान थे।
इतिहास और विज्ञान का संगम
इंग्लिश हेरिटेज के क्यूरेटर केविन बूथ के नेतृत्व में, लिवरपूल जॉन मूर यूनिवर्सिटी की 'फेस लैब' और फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट जैसे संस्थानों ने मिलकर इस व्यक्ति के चेहरे का पुनर्निर्माण किया। डीएनए विश्लेषण से पता चला कि उसका वंश महाद्वीपीय था, जबकि खोपड़ी के आकार ने उसके स्कैंडिनेवियाई होने की पुष्टि की। दांतों में स्ट्रोंटियम आइसोटोप के स्तर से संकेत मिलता है कि वह बार्टन क्षेत्र में रहा था, लेकिन ऑक्सीजन आइसोटोप बताते हैं कि किशोरावस्था के दौरान वह किसी ठंडे क्षेत्र में रहा होगा।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह खोज 1066 की घटनाओं को केवल एक सैन्य जीत के रूप में देखने के बजाय, उस समय के व्यापक प्रवास और सांस्कृतिक मिश्रण को समझने में मदद करती है। यह दर्शाता है कि उत्तरी सागर के तटों पर लोगों का आवागमन कितना सामान्य था।
"हमारा व्यक्ति एक ऐसी दुनिया में पैदा हुआ था जहाँ एक ही राजा इंग्लैंड, डेनमार्क, नॉर्वे और स्वीडन के कुछ हिस्सों पर शासन करता था।" - केविन बूथ
एक अन्य संभावना यह भी है कि वह 1066 में पेवेनसी बीच के रास्ते नॉर्मन सेना के साथ आया हो, लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि यह कम संभव है। अधिक संभावना यह है कि वह वाइकिंग-नियंत्रित 'डेनला' क्षेत्र का हिस्सा था, जहाँ हंबर नदी के माध्यम से समुद्र तक आसान पहुंच थी। उसकी कब्र में मिले एप्पलवुड स्टाफ (सेब की लकड़ी की छड़ें) भी स्कैंडिनेवियाई प्रभाव की ओर इशारा करती हैं।
प्रश्न 1: 'कॉन्क्वेस्ट मैन' की पहचान कैसे की गई?
डीएनए विश्लेषण, खोपड़ी के आकार के अध्ययन और आइसोटोप विश्लेषण के माध्यम से उसके स्कैंडिनेवियाई मूल और निवास स्थान का पता लगाया गया।
प्रश्न 2: क्या वह नॉर्मन सेना का हिस्सा था?
हालांकि यह संभव है, लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि वह अधिक संभावना के साथ डेनला क्षेत्र का एक प्रवासी था।