BASF के ग्लोबल क्रॉप प्रोटेक्शन डिस्कवरी रिसर्च निदेशक रामकृष्णन वल्लिनायगम ने फसल सुरक्षा में उन्नत तकनीकों की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने अकादमी‑उद्योग सहयोग को तेज़ी से नवाचार लाने का प्रमुख साधन बताया।
- उन्नत तकनीक फसल सुरक्षा में नवाचार को तेज़ करती है
- अकादमी‑उद्योग सहयोग से बाजार‑तैयार समाधान तेज़ी से बनते हैं
- सतत कृषि के लिए नई रासायनिक संरचनाओं की आवश्यकता है
बास्फ़ के ग्लोबल क्रॉप प्रोटेक्शन डिस्कवरी रिसर्च (केमिस्ट्री) निदेशक रामकृष्णन वल्लिनायगम ने 3रे वार्षिक डॉ. यू.टी. भालेराव मेमोरियल लेक्चर में बताया कि उन्नत तकनीक और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियाँ फसल सुरक्षा उत्पादों की खोज व विकास को गति देती हैं। यह लेक्चर CSIR‑इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी (CSIR‑IICT) द्वारा आयोजित किया गया।
वर्तमान में वैश्विक खाद्य मांग में तेज़ी से वृद्धि हो रही है, जिससे टिकाऊ और प्रभावी फसल सुरक्षा समाधान की आवश्यकता बढ़ी है। वल्लिनायगम ने कहा कि नई, प्रभावी रासायनिक अणुओं का विकास कृषि स्थिरता और फसल स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है।
उनकी प्रस्तुति का मुख्य बिंदु बास्फ़ का ओपन इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म था, जो अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करता है। इस मंच के माध्यम से विशेषज्ञता का समन्वय, नवाचार की गति और प्रयोगशाला के विचारों को फ़ील्ड‑रेडी समाधान में बदलना संभव हो रहा है।
वर्तमान फसल सुरक्षा अनुसंधान में कई चुनौतियाँ हैं, जैसे की कीट प्रतिरोध, पर्यावरणीय नियमों की कड़ी शर्तें और लागत‑प्रभावशीलता। वल्लिनायगम ने इन चुनौतियों को पार करने के लिए मजबूत अकादमी‑उद्योग सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that accelerating the pipeline from laboratory to field can significantly reduce the time‑to‑market for eco‑friendly pesticides, directly impacting food security for billions.
"सतत फसल सुरक्षा के लिए नवाचार अनिवार्य है," वल्लिनायगम ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ओपन इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म कैसे काम करता है?
उत्तर: यह प्लेटफ़ॉर्म अकादमिक शोधकर्ताओं को बास्फ़ के संसाधनों और डेटा तक पहुँच प्रदान करता है, जिससे संयुक्त प्रोजेक्ट्स तेज़ी से विकसित होते हैं।
प्रश्न 2: इस सहयोग से किस प्रकार के नए उत्पाद अपेक्षित हैं?
उत्तर: अपेक्षा है कि अगले पाँच वर्षों में कई बायो‑डिग्रेडेबल कीटनाशक और रोग‑प्रतिरोधी रसायन बाजार में आएँगे।