अमेरिका में खसरे के मामलों में 35 साल का उच्चतम स्तर देखने को मिल रहा है, जिससे उन बच्चों के माता-पिता के सामने संकट खड़ा हो गया है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। टीकाकरण दरों में गिरावट ने परिवारों को स्कूल भेजने या घर पर रखने जैसे कठिन निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है।
- अमेरिका में खसरे के मामले 35 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।
- टीकाकरण की दरें 95% के सुरक्षित स्तर से नीचे गिर गई हैं।
- कमजोर इम्युनिटी वाले बच्चे (Immunocompromised) इस वायरस के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं।
- माता-पिता को बच्चों की सुरक्षा और सामाजिक जीवन के बीच कठिन चुनाव करना पड़ रहा है।
जैसे-जैसे स्कूल का नया सत्र शुरू हो रहा है, अधिकांश माता-पिता बच्चों के लंच और समय पर स्कूल पहुँचने जैसी सामान्य चिंताओं में व्यस्त हैं। लेकिन कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunocompromised) वाले बच्चों के माता-पिता के लिए यह समय किसी दुस्वप्न से कम नहीं है। अमेरिका में खसरे के मामलों में भारी उछाल आया है, जो पिछले 35 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। वर्ष 2026 में अब तक लगभग 3,000 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं।
पेनसाल्विया में इस वर्ष खसरे से संबंधित दो मौतें दर्ज की गई हैं, जिसने इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के एक अध्ययन के अनुसार, लगभग 2.6 प्रतिशत बच्चे 'इम्यूनोकोम्प्रोमाइज्ड' होते हैं। ये बच्चे या तो आनुवंशिक कारणों से या कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज (जैसे कीमोथेरेपी) के कारण संक्रमण से लड़ने में सक्षम नहीं होते हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि टीकाकरण दरों में गिरावट केवल एक सांख्यिकीय गिरावट नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के लिए एक गंभीर खतरा है। जब टीकाकरण दर 95% के सुरक्षात्मक स्तर से नीचे गिर जाती है, तो 'हर्ड इम्युनिटी' (Herd Immunity) टूट जाती है, जिससे वे बच्चे भी खतरे में आ जाते हैं जो चिकित्सा कारणों से टीका नहीं लगवा सकते।
खसरा केवल एक साधारण बीमारी नहीं है; यह शरीर की पुरानी बीमारियों से लड़ने की क्षमता को भी मिटा सकता है, जिसे 'इम्यून एम्नेशिया' कहा जाता है।
विक्टोरिया शियानो, जो एक गैर-लाभकारी संस्था 'लिटिल लॉबिस्ट्स' के साथ काम करती हैं, का कहना है कि खसरे की वापसी "बेहद डरावनी" है। उनके 10 वर्षीय बेटे को माइटोकॉन्ड्रियल रोग है, जिसके कारण वह टीका नहीं लगवा सकता। उसे संक्रमण से बचाने के लिए साप्ताहिक रूप से इम्युनोग्लोबुलिन (मानव रक्त प्लाज्मा से प्राप्त एंटीबॉडी) के इन्फ्यूजन की आवश्यकता होती है।
खसरा निमोनिया और मस्तिष्क की सूजन जैसे घातक जटिलताएं पैदा कर सकता है। इसके अलावा, यह शरीर की पिछली बीमारियों की 'याददाश्त' को मिटा सकता है, जिससे व्यक्ति अन्य बीमारियों के प्रति भी असुरक्षित हो जाता है। दक्षिण कैरोलिना में भी स्थिति चिंताजनक है, जहाँ एक प्रकोप में लगभग 1,000 मामले सामने आए थे।
| क्षेत्र (County) | टीकाकरण स्थिति/प्रभाव |
|---|---|
| चेस्टर काउंटी, PA | टीकाकरण दर 95% से नीचे गिर गई है |
| लैंकेस्टर काउंटी, PA | किंडरगार्टन में केवल 87.6% टीकाकरण |
| स्पार्टनबर्ग, SC | 1,000 मामले और 21 अस्पताल में भर्ती |
Frequently Asked Questions
1. 'इम्यून एम्नेशिया' क्या है?
यह खसरे द्वारा होने वाली एक स्थिति है जहाँ वायरस शरीर की प्रतिरक्षा कोशिकाओं को नष्ट कर देता है, जिससे शरीर पिछली बीमारियों के खिलाफ बनी सुरक्षात्मक याददाश्त खो देता है।
2. टीकाकरण दर क्यों महत्वपूर्ण है?
95% टीकाकरण दर समुदाय में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक है ताकि वे लोग भी सुरक्षित रहें जो चिकित्सा कारणों से टीका नहीं लगवा सकते।