वैज्ञानिकों ने 'Paraborg' नामक एक क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है, जिसमें कॉकरोच को रोबोटिक उपकरणों के साथ जोड़कर उन्हें आपदा क्षेत्रों में दवा पहुँचाने और मलबे में फंसे लोगों को खोजने के लिए तैयार किया गया है।

  • वैज्ञानिकों ने 'Paraborg' नामक साइबोर्ग कॉकरोच विकसित किए हैं जो मलबे में घुस सकते हैं।
  • इनकी मदद से आपदा पीड़ितों को दूर बैठे ही दवा (इंजेक्शन) दी जा सकती है।
  • एक कॉकरोच कैमरे के साथ निगरानी कर सकता है, जबकि दूसरा इंजेक्शन दे सकता है।
  • यह तकनीक अगले 5 से 10 वर्षों में वास्तविक आपदा स्थलों पर तैनात हो सकती है।

हाल के वर्षों में, मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए छोटे रोबोट और ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है। लेकिन अब, वैज्ञानिक एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं जो प्रकृति और मशीन का एक अनूठा संगम है। University of Queensland (UQ) और University of New South Wales (UNSW) के शोधकर्ताओं ने 'Paraborg' विकसित किया है, जो जीवित कॉकरोच को आपदा राहत कार्यों के लिए एक कुशल 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' में बदल देता है।

शोधकर्ताओं ने उत्तरी क्वींसलैंड में पाए जाने वाले एक विशालकाय कॉकरोच का उपयोग किया है। यह कॉकरोच लगभग 87 मिलीमीटर लंबा और 40 ग्राम तक भारी होता है। इस बड़े आकार का लाभ उठाते हुए, टीम ने दो प्रकार के 'Paraborg' बनाए हैं: एक जो कैमरे से लैस है ताकि पीड़ित की स्थिति देखी जा सके, और दूसरा जो एक स्वचालित इंजेक्शन तंत्र के साथ आता है ताकि तत्काल चिकित्सा सहायता दी जा सके।

यह कैसे काम करता है?

इन साइबोर्ग कीटों को नियंत्रित करने के लिए, वैज्ञानिकों ने उनके एंटीना और 'सर्सी' (शरीर के पिछले हिस्से के संवेदी अंग) में इलेक्ट्रोड लगाए हैं। विद्युत संकेतों (10 से 40 हर्ट्ज के बीच) का उपयोग करके, शोधकर्ता कीट की दिशा और गति को रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित कर सकते हैं। इंजेक्शन प्रक्रिया वास्तव में एक दिलचस्प रासायनिक प्रतिक्रिया पर आधारित है, जहाँ बेकिंग सोडा और साइट्रिक एसिड के मिलने से उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड दबाव बनाकर दवा को इंजेक्शन के माध्यम से शरीर में पहुंचाती है।

'हम एक ऐसा रोबोट बनाने के बजाय जो सब कुछ कर सके, अलग-अलग कीटों की प्राकृतिक क्षमताओं का उपयोग करके उन्हें विशिष्ट मिशनों के लिए तैयार करना चाहते हैं।' - टैन वो डोआन, बायो-रोबोटिक्स शोधकर्ता।

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह तकनीक पारंपरिक रोबोटिक्स की सीमाओं को तोड़ती है। जहाँ धातु के रोबोट मलबे में फंस सकते हैं, वहीं ये जैविक कीट अत्यंत संकीर्ण और जटिल रास्तों से आसानी से गुजर सकते हैं। प्रयोगों में पाया गया कि पास की दूरी से इंजेक्शन लगाने की सफलता दर 95% तक थी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले दो दशकों से, 'साइबोर्ग कीटों' का उपयोग केवल 'खोज और अन्वेषण' (search and explore) मिशनों के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, 'Paraborg' का विकास इस क्षेत्र में एक बड़ी छलांग है, क्योंकि यह केवल देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सक्रिय रूप से चिकित्सा हस्तक्षेप (medical intervention) करने में सक्षम है।

Why This Matters

आपदा के समय शुरुआती कुछ मिनट जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर होते हैं। यदि ये साइबोर्ग कीट मलबे के नीचे फंसे लोगों तक तुरंत दवा पहुँचा सकें, तो यह मानव बचाव दल के पहुँचने तक जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Did You Know?: कॉकरोच अपने शरीर के वजन से 1.5 गुना अधिक भार उठाने की क्षमता रखते हैं, जो उन्हें भारी उपकरण ले जाने के लिए आदर्श बनाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या ये कॉकरोच इंसानों के लिए खतरनाक हैं?
नहीं, ये विशेष रूप से नियंत्रित किए जाते हैं और इनका उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना है।

प्रश्न 2: यह तकनीक कब तक उपलब्ध होगी?
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगले 5 से 10 वर्षों में इसे वास्तविक आपदा क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है।