नासा की नील गेह्रल्स स्विफ्ट वेधशाला पृथ्वी की कक्षा से बाहर गिर रही है। वायुमंडल में जलकर नष्ट होने से पहले, वैज्ञानिकों ने इसके टेलिस्कोप को फिर से चालू कर दिया है ताकि ब्रह्मांड के अंतिम रहस्य रिकॉर्ड किए जा सकें।
- नासा की स्विफ्ट वेधशाला कक्षा से बाहर गिर रही है और इस साल के अंत तक नष्ट हो सकती है।
- लिंक (LINK) नामक बचाव मिशन तकनीकी विफलताओं के कारण रद्द कर दिया गया।
- वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने से पहले टेलिस्कोप्स को अंतिम डेटा संग्रह के लिए फिर से सक्रिय किया गया है।
नासा ने पिछले कुछ वर्षों में कई साहसी बचाव अभियान चलाए हैं, लेकिन नील गेह्रल्स स्विफ्ट वेधशाला (Neil Gehrels Swift Observatory) को बचाने का प्रयास विफल रहा। 2004 में लॉन्च किया गया यह सैटेलाइट धीरे-धीरे पृथ्वी की कक्षा से नीचे गिर रहा है। इसे बचाने के लिए जुलाई में LINK नामक एक रोबोटिक प्रोब भेजा गया था, जिसका उद्देश्य सैटेलाइट को पकड़कर वापस उसकी सही स्थिति में लाना था। हालांकि, ऊंचाई नियंत्रण प्रणालियों (altitude systems) में खराबी के कारण इस उच्च-जोखिम वाले मिशन को रद्द करना पड़ा।
बचाव मिशन की विफलता और वर्तमान स्थिति
कैटलिस्ट स्पेस के सीईओ घोनही ली और नासा के खगोल भौतिकी प्रभाग के निदेशक शॉन डोमगल-गोल्डमैन ने पहले ही स्वीकार किया था कि यह एक अत्यंत जोखिम भरा मिशन था क्योंकि स्विफ्ट को सर्विसिंग के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था। अब, यह वेधशाला निरंतर नीचे गिर रही है। निम्न-कक्षा वाले सभी उपग्रहों की तरह, स्विफ्ट को भी पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल से वायु प्रतिरोध (air resistance) का सामना करना पड़ता है।
सौर गतिविधि का प्रभाव
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, यह सैटेलाइट 2030 तक सुरक्षित रहना चाहिए था। लेकिन हाल के वर्षों में तीव्र सौर गतिविधि के कारण पृथ्वी का वायुमंडल फैल गया है, जिससे 'ड्रैग' (drag) बढ़ गया है और सैटेलाइट की गिरावट तेज हो गई है। अब उम्मीद है कि यह इस साल के अंत तक वायुमंडल में पुनः प्रवेश कर जाएगा और जलकर नष्ट हो जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्विफ्ट केवल एक मशीन नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के सबसे विस्फोटक क्षणों का गवाह रहा है। पिछले 21 वर्षों में, इसने सुपरनोवा, गामा-रे बर्स्ट और ब्लैक होल द्वारा सितारों को नष्ट करने जैसी दुर्लभ घटनाओं को रिकॉर्ड किया है। इसका जाना खगोल विज्ञान के लिए एक महत्वपूर्ण युग का अंत है।
"ब्रह्मांड के अल्पकालिक और सबसे शक्तिशाली विस्फोटों को पकड़ने में स्विफ्ट की क्षमता अद्वितीय थी, और इसका अंतिम डेटा भविष्य के शोध के लिए अमूल्य होगा।"
वर्तमान में, ऑपरेशंस टीम ने उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग करने की योजना बनाई है। पावर बचाने के लिए बंद किए गए टेलिस्कोप्स में से दो को फिर से चालू कर दिया गया है। एक्स-रे टेलिस्कोप ने पहले ही 13,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित टायको सुपरनोवा अवशेष की तस्वीरें ली हैं।
| विशेषता | मूल योजना (Original Plan) | वर्तमान स्थिति (Current Status) |
|---|---|---|
| जीवनकाल | 2030 तक संभावित | 2024 के अंत तक समाप्त |
| बचाव प्रयास | LINK प्रोब द्वारा पुनर्स्थापन | मिशन रद्द (तकनीकी खराबी) |
| ऑपरेशनल स्थिति | पावर बचाने के लिए बंद | अंतिम डेटा के लिए पुन: सक्रिय |
Frequently Asked Questions
1. स्विफ्ट वेधशाला का मुख्य कार्य क्या था?
यह गामा-रे बर्स्ट, सुपरनोवा और ब्लैक होल जैसी उच्च-ऊर्जा वाली ब्रह्मांडीय घटनाओं की निगरानी और अलर्ट भेजने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
2. LINK मिशन क्यों विफल रहा?
LINK प्रोब के एल्टीट्यूड सिस्टम (ऊंचाई नियंत्रण) में समस्या आने के कारण यह सैटेलाइट तक पहुँचने और उसे खींचने में असमर्थ रहा।