ऐतिहासिक एल नीनो के प्रभाव के कारण इस साल ऐटलांटिक महासागर में अब तक एक भी हरिकेन नहीं बना है, जिससे सैटेलाइट युग का एक नया रिकॉर्ड स्थापित होने जा रहा है। जबकि अटलांटिक शांत है, प्रशांत महासागर में तूफानों का कहर जारी है।
- ऐटलांटिक बेसिन में सैटेलाइट युग (1960 के बाद) का सबसे लंबा समय बिना किसी हरिकेन के बीता।
- 'सुपर एल नीनो' के कारण विंड शीयर बढ़ा है, जो तूफानों के विकास को रोकता है।
- प्रशांत महासागर में इसके विपरीत भारी गतिविधि देखी गई है, जिसमें हाल ही में हरिकेन 'लोवेल' ने हवाई को प्रभावित किया।
- सहारा रेगिस्तान की धूल ने भी तूफानों को दबाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस सप्ताह मौसम विज्ञान के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। ऐटलांटिक महासागर में इस साल अब तक एक भी हरिकेन (Hurricane) नहीं बना है, जो कि मौसम के चरम समय (Peak Season) के बावजूद एक दुर्लभ घटना है। वर्तमान रिकॉर्ड 11 सितंबर (2002 और 2013) का है, जिसे अब पार किया जा रहा है।
आमतौर पर, इस समय तक आठ नामित उष्णकटिबंधीय तूफान और तीन हरिकेन बन चुके होते हैं। हालांकि, इस वर्ष केवल पांच उष्णकटिबंधीय तूफान—आर्थर, बर्था, क्रिस्टोबल, डोली और एडौर्ड—ही देखे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में भी किसी बड़े तूफान के संकेत नहीं हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this phenomenon is not a random occurrence but a direct result of the strengthening El Niño. While the Atlantic remains eerily quiet, the Eastern Pacific is experiencing an abnormally active season with 13 named storms, including major hurricanes. This stark contrast highlights the global redistribution of atmospheric energy caused by oceanic warming.
"यह एल नीनो 1950 के बाद का सबसे शक्तिशाली इवेंट हो सकता है, जो वैश्विक मौसम प्रणालियों को पूरी तरह से बाधित कर रहा है।"
इस शांत स्थिति के पीछे मुख्य कारण 'विंड शीयर' (Wind Shear) है। जब एल नीनो सक्रिय होता है, तो अटलांटिक के ऊपर ऊपरी हवाएं तेज हो जाती हैं। यह विंड शीयर गरजने वाले बादलों को विकसित होने से पहले ही छिन्न-भिन्न कर देता है, जिससे वे विनाशकारी हरिकेन का रूप नहीं ले पाते।
इसके अलावा, अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान से उड़कर आने वाली धूल की मोटी परत ने भी ईंधन का काम करने वाली नमी को सोख लिया है। यह शुष्क और धूल भरी हवा अटलांटिक को पार कर अमेरिका की ओर बढ़ रही है, जिससे तूफानों का पनपना लगभग असंभव हो गया है।
| क्षेत्र (Region) | वर्तमान स्थिति (Current Status) | प्रभाव (Impact) |
|---|---|---|
| ऐटलांटिक महासागर | अत्यधिक शांत (0 हरिकेन) | रिकॉर्ड तोड़ शांति, कम विनाश |
| पूर्वी प्रशांत महासागर | अत्यधिक सक्रिय (13 तूफान) | हवाई में भारी तबाही (हरिकेन लोवेल) |
Frequently Asked Questions
1. एल नीनो क्या है और यह तूफानों को कैसे रोकता है?
एल नीनो प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र का प्राकृतिक गर्म होना है। यह अटलांटिक में ऊपरी हवाओं (विंड शीयर) को बढ़ा देता है, जो तूफानों के ढांचे को तोड़ देते हैं।
2. क्या इसका मतलब है कि अब कोई खतरा नहीं है?
नहीं, तूफान का सीजन 30 नवंबर तक चलता है। हालांकि संभावना कम है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव संभव है।