केरल का सामाजिक न्याय विभाग दिव्यांगजनों, विशेषकर बौद्धिक रूप से अक्षम कलाकारों की प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने के लिए 'रिदम वर्चुअल प्लेटफॉर्म' शुरू करने जा रहा है। यह डिजिटल पहल उन्हें पहचान और आय के नए अवसर प्रदान करेगी।

  • केरल का सामाजिक न्याय विभाग 'रिदम वर्चुअल प्लेटफॉर्म' के माध्यम से दिव्यांग कलाकारों को डिजिटल मंच प्रदान करेगा।
  • इसका उद्देश्य बौद्धिक रूप से अक्षम कलाकारों की प्रतिभा का दस्तावेजीकरण और प्रचार करना है।
  • यह प्लेटफॉर्म कलाकारों को सरकारी विभागों, सांस्कृतिक संगठनों और जनता से जोड़ेगा।
  • कार्यक्रम का लक्ष्य सालाना कम से कम 200 व्यक्तियों तक पहुंचना है।

तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने समावेशी समाज की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए दिव्यांगजनों की छिपी हुई कलात्मक प्रतिभा को उजागर करने के लिए एक समर्पित डिजिटल मंच, 'रिदम वर्चुअल प्लेटफॉर्म', शुरू करने की घोषणा की है। केरल सामाजिक सुरक्षा मिशन (KSSM) के तहत राज्य विकलांगता पहल (SID) द्वारा संचालित यह परियोजना विशेष रूप से बौद्धिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के जीवन में बदलाव लाने के लिए डिज़ाइन की गई है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा टिकाऊ डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जो प्रतिभाशाली दिव्यांग कलाकारों को व्यापक दर्शकों और संभावित अवसरों से जोड़ सके। यह न केवल उनकी दृश्यता और पहचान सुनिश्चित करेगा, बल्कि उनके कलात्मक कार्यों के माध्यम से आय सृजन के अवसर भी प्रदान करेगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह डिजिटल परिवर्तन दिव्यांगजनों के लिए सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पारंपरिक रूप से, इन कलाकारों को सीमित पहुंच और केंद्रीकरण की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। 'रिदम वर्चुअल प्लेटफॉर्म' इन बाधाओं को दूर कर उन्हें एक वैश्विक मंच प्रदान करेगा।

कलात्मक अभिव्यक्ति केवल प्रतिभा दिखाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह पुनर्वास प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग भी है।

सामाजिक न्याय निदेशक अरुण एस. नायर ने बताया कि यह मंच कलाकारों को उनके ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करने और पुनर्वास प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने में मदद करेगा। यह न केवल कलाकारों के लिए, बल्कि उनके देखभाल करने वालों (caregivers) के लिए भी समुदाय की भावना विकसित करने का एक माध्यम बनेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस परियोजना की नींव 2023 में 'विकलांग युवाओं के लिए प्रतिभा खोज' (TSYD) कार्यक्रम के हिस्से के रूप में रखी गई थी। उस समय, विभाग ने 'रिदम' नामक 20 सदस्यीय राज्य कला दल का गठन किया था। अब, इस भौतिक दल को डिजिटल शक्ति प्रदान करके राज्य के हर जिले तक विस्तार दिया जा रहा है।

सरकार ने इस प्लेटफॉर्म के विकास के लिए अनुभवी एजेंसियों से 'अभिव्यक्ति की इच्छा' (EoI) भी आमंत्रित की है, ताकि पेशेवर वीडियो उत्पादन, लाइव स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया प्रचार जैसी उच्च स्तरीय तकनीकी सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

Did You Know?: केरल की यह पहल जिला स्तर पर प्रशिक्षण और स्क्रीनिंग आयोजित करेगी ताकि दूरदराज के क्षेत्रों के कलाकार भी इस मंच का लाभ उठा सकें।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'रिदम वर्चुअल प्लेटफॉर्म' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य दिव्यांग कलाकारों की प्रतिभा का पेशेवर रूप से दस्तावेजीकरण करना, उन्हें प्रदर्शित करना और उन्हें आय के अवसर प्रदान करना है।

प्रश्न 2: इस कार्यक्रम का प्रबंधन कौन करेगा?
उत्तर: इसका प्रबंधन केरल सामाजिक सुरक्षा मिशन (KSSM) के तहत राज्य विकलांगता पहल (SID) द्वारा किया जाएगा।