केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कोच्चि में 'समग्र‑2026' कार्यक्रम का राज्य स्तर पर उद्घाटन किया, जिसमें महिलाओं और पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। 100‑दिवसीय कार्य योजना के तहत 540 से अधिक परियोजनाओं को लागू करने की घोषणा की गई।
मुख्य बिंदु
- महिलाओं और पिछड़े वर्गों को सशक्तिकरण के प्रमुख लक्ष्य के रूप में स्थापित किया गया
- 100‑दिन कार्य योजना में 540 से अधिक सामाजिक कल्याण परियोजनाएँ शामिल
- प्रगति की पारदर्शिता हेतु एक नई पोर्टल लॉन्च किया गया
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कोच्चि के पल्लुरुथी में आयोजित ‘समग्र‑2026’ समारोह में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं पिछड़े वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और विपणन सुविधा प्रदान करेगी। यह पहल सामाजिक या आर्थिक संकट के समय महिलाओं पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
सरकार ने 100‑दिन कार्य योजना के अंतर्गत 540 से अधिक परियोजनाओं को क्रमबद्ध किया है, जिनमें विशेष रूप से महिलाओं के उत्पादों के बाजार में पहुँच को आसान बनाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं। प्रत्येक परियोजना की प्रगति को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराते हुए एक अलग पोर्टल स्थापित किया गया है, और हर 20 दिन में समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को ‘प्रियांधर्शिनी’ मुफ्त यात्रा योजना के तहत बचाए गए पैसे को केरल राज्य वित्तीय उद्यमों की ‘पिंक चिट्टी’ योजना में निवेश करने का आग्रह किया, जिससे बचत को स्वरोजगार में परिवर्तित किया जा सके। यह पहल न केवल यात्रा खर्च को घटाती है, बल्कि महिलाओं को छोटे निवेश के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण भी प्रदान करती है।
शेड्यूल्ड कास्ट, शेड्यूल्ड ट्राइब और पिछड़े वर्गों के कल्याण मंत्री के.ए. थुलासी ने कहा कि केरल राज्य पिछड़े वर्ग विकास निगम ने इन योजनाओं को राज्य की व्यापक सामाजिक नीति के साथ संरेखित किया है। उन्होंने ‘प्रियांधर्शिनी’ मुफ्त यात्रा योजना और कम ब्याज वाले ऋण पहलों को जनता के बीच लोकप्रिय बताया।
मछली पकड़ने के मंत्री वी.ई. अब्दुल गफ़ूर, कोच्चि मेयर वी.के. मिनिमोल और विधायक मोहमद शियास, दीपक जॉय, टोनी चमनी ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे इस पहल की बहुस्तरीय समर्थन दर्शाया गया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
केरल राज्य पिछड़े वर्ग विकास निगम (KSBCDC) 1980 के दशक में स्थापित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक रूपांतरण, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना था। पिछले दो दशकों में इसने स्किल्ड ट्रेड्स प्रशिक्षण, माइक्रो‑क्रेडिट और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के कई कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनमें ‘बजट‑बजट’ और ‘शिक्षा‑वित्त’ योजनाएँ प्रमुख हैं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के बीच सीधा संबंध है; जब महिलाओं को आर्थिक अवसर मिलते हैं, तो परिवार और समुदाय दोनों की समग्र विकास दर में वृद्धि होती है। इस प्रकार की बहु‑आयामी पहल केरल की सामाजिक प्रगति को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा दे सकती है।
"महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि सतत आर्थिक विकास की कुंजी है," वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. अंजली मेहता ने कहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस योजना के तहत किन महिलाओं को लाभ मिलेगा?
उत्तर: सभी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएँ, विशेषकर जो ‘प्रियांधर्शिनी’ योजना का उपयोग करती हैं, को इस योजना से लाभ मिलेगा।
प्रश्न 2: ‘पिंक चिट्टी’ योजना में निवेश करने की प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: महिला प्रतिभागी अपने बचत खाते को केरल राज्य वित्तीय उद्यमों के डिजिटल पोर्टल से लिंक कर सकती हैं और न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण ले सकती हैं।