इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को बें स्टोक्स के रिटायरमेंट घोषणा के वीडियो के प्रसारण समय को लेकर औपचारिक पत्र भेजा है। ICC का दावा है कि टेस्ट मैच के बीच में फुटेज जारी करना खिलाड़ियों एवं मैच अधिकारियों के क्षेत्र (PMOA) के नियमों का उल्लंघन है।
इंग्लैंड के दिग्गज सभी-समय के कप्तान बें स्टोक्स ने 29 जून को ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपनी अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त करने का निर्णय सार्वजनिक किया। इस घोषणा को उन्होंने उसी सुबह ड्रेसिंग रूम में अपने टीममेट्स को संबोधित करते हुए किया, जिसकी रिकॉर्डिंग ECB ने की थी। फुटेज को 15:25 स्थानीय समय पर, चाय अंतराल से ठीक पहले, प्रसारित किया गया, जिससे ICC ने नियम उल्लंघन का आरोप लगाया।
ICC का औपचारिक पत्र और नियामक आधार
BBC की रिपोर्ट के अनुसार, ICC ने अपने पत्र में PMOA (Players’ and Match Officials’ Areas) नियमन के अनुच्छेद 2.2.11 का हवाला देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय बोर्डों को सुनिश्चित करना चाहिए कि टीम के ड्रेसिंग रूम में कोई स्थायी या अस्थायी कैमरा या रिकार्डिंग उपकरण न हो, विशेषकर लाइव प्रसारण के उद्देश्य से। इस नियम का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को रोकना और खेल के भीतर संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा करना है।
घटना का समय और प्रबंधन की भूमिका
स्टोक्स ने मैच के चौथे दिन के स्टम्प्स के बाद कहा कि रिटायरमेंट का समय उनके प्रबंधन दल और ECB के बीच समन्वित था। उन्होंने कहा, "मैंने बस कहा, आप लोग माइकल लम्ब और नील फेयरब्रदर के साथ मिलकर एक योजना बनाओ"। यह स्पष्ट करता है कि इस घोषणा की योजना पहले से बनाई गई थी, परन्तु इसका प्रसारण समय विवाद का कारण बना।
मैच पर प्रभाव और परिणाम
रिटायरमेंट की घोषणा के तुरंत बाद, स्टोक्स ने अपना पहला डिलीवरी किया और न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज ज़ाक फ़ौलेकस को आउट कर दिया। अगले दिन न्यूज़ीलैंड ने श्रृंखला 2-1 से जीत ली, जिससे स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हुआ। अब इंग्लैंड को अगली पाकिस्तान श्रृंखला के लिए नया टेस्ट कप्तान चुनना होगा, जहाँ उप-कप्तान हैरी बुक इस जिम्मेदारी को स्वीकारने के लिए तैयार हैं।
भविष्य की संभावनाएं और नियामक पहलू
ICC के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मीडिया एक्सेस को लेकर नियमों को कड़ाई से लागू किया जाएगा। यदि ECB इस उल्लंघन को स्वीकार करता है, तो भविष्य में ड्रेसिंग रूम की सुरक्षा और प्रसारण अधिकारों पर अधिक कड़ी निगरानी की उम्मीद है। इस घटना ने क्रिकेट के प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और नियामक अनुपालन के महत्व को फिर से उजागर किया है।