दिल्ली हाईकोर्ट ने खेल मंत्रालय द्वारा योगासन भारत को राष्ट्रीय खेल संघ (NSF) मानते हुए जारी किए गए मान्यता‑पत्र को निरस्त कर दिया। अदालत ने बताया कि संघ ने खेल कोड की अनिवार्य पात्रता शर्तें, जैसे तीन वर्ष की सक्रिय मौजूदगी और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप, पूरी नहीं की थीं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 नवंबर 2020 को खेल मंत्रालय द्वारा योगासन भारत को राष्ट्रीय खेल संघ (NSF) के रूप में मान्यता देने वाले पत्र को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उस समय संघ केवल लगभग तीन महीने ही अस्तित्व में था, जबकि खेल कोड के अनुसार न्यूनतम तीन वर्ष की सक्रिय मौजूदगी अनिवार्य है।

खेल कोड की कठोर शर्तें

खेल कोड के अनुच्छेद 3.3, 3.4 और 3.8 में NSF की मान्यता के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित हैं। अनुच्छेद 3.3 में तीन वर्ष की सक्रिय अस्तित्व की आवश्यकता है; अनुच्छेद 3.8 में वरिष्ठ, जूनियर और सब‑जूनियर स्तर पर लगातार तीन राष्ट्रीय चैम्पियनशिप आयोजित करने की शर्त है; तथा दो‑तीहाई राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में संबद्ध इकाइयों की मौजूदगी अनिवार्य है। योगासन भारत ने न तो इन शर्तों को पूरा किया, न ही किसी राज्य या यूटी से कोई संबद्धता स्थापित की।

योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया का दाव

योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया (YFI), जो 1974 में स्थापित होने का दावा करता है, ने इस मामले में याचिका दायर की। YFI का कहना है कि वह सभी मानदंडों को पूरा करता है और योग को एक खेल के रूप में राष्ट्रीय मान्यता मिलनी चाहिए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि NSF की घोषणा केवल खेल मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आती है और वर्तमान में YFI को NSF के रूप में नहीं माना गया है।

भविष्य की प्रक्रिया

अदालत ने खेल मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह 60 दिनों के भीतर योग्य संगठनों से नई मान्यता के आवेदन आमंत्रित करे। इस प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि योग/योगासन को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय खेल के रूप में स्थापित किया जा सके।

परिणाम और संभावित प्रभाव

यह निर्णय न केवल योग संघों के बीच प्रतिस्पर्धा को उजागर करता है, बल्कि भारत में योग को खेल के रूप में आधिकारिक मान्यता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी मील का पत्थर भी बनता है। यदि नई मान्यता प्रक्रिया सफल होती है, तो योग के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए संरचित ढांचा मिलेगा, जिससे खेल विज्ञान, प्रायोजन और युवा विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।