2026 फीफा विश्व कप के रोमांचक क्वार्टर फाइनल में फ्रांस और मोरक्को आमने-सामने हैं। फ्रांस ने डेसिएर डूए को मौका दिया है, जबकि मोरक्को ब्राहिम डियाज़ पर भरोसा कर रहा है।
फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में रोमांच अपने चरम पर है। आज बोस्टन स्टेडियम में होने वाले बहुप्रतीक्षित क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विश्व चैंपियन फ्रांस का सामना मोरक्को से होने जा रहा है। यह मुकाबला केवल एक खेल नहीं, बल्कि 2022 विश्व कप सेमीफाइनल की यादों को ताजा करने वाला एक भावनात्मक युद्ध भी है।
फ्रांस की रणनीतिक बदलाव और टीम संरचना
फ्रांसीसी कोच दिदिएร์ Deschamps ने इस महत्वपूर्ण मैच के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। उन्होंने ब्रैडली बारकोला को बेंच पर बैठाकर युवा और आक्रामक मिडफील्डर डेसिएर डूए (Desire Doue) को शुरुआती एकादश में शामिल किया है। फ्रांस की आक्रमण पंक्ति का नेतृत्व स्टार खिलाड़ी काइलियन एम्बाप्पे करेंगे, जिनके साथ उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलिस जैसे खिलाड़ी मैदान पर अपनी गति और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। फ्रांस की रक्षापंक्ति में विलियम सालिबा और डेयोट उपमेकानो जैसे मजबूत स्तंभ मौजूद हैं।
मोरक्को का संघर्ष और ब्राहिम डियाज़ की भूमिका
दूसरी ओर, मोरक्को की टीम इस मैच में चोटिल फॉरवर्ड इस्माइल सैबारी की अनुपस्थिति से जूझ रही है। कोच मोहम्मद ओआबी ने इस कमी को पूरा करने के लिए रक्षापंक्ति में अनास सलाह एडिन और मिडफील्ड में चेम्सडीन तालबी को शामिल किया है। मोरक्को की पूरी रणनीति अब ब्राहिम डियाज़ के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जो अकेले स्ट्राइकर के रूप में फ्रांस के अभेद्य रक्षा कवच को भेदने की कोशिश करेंगे। यसीन बौनु के नेतृत्व वाली गोलकीपिंग मोरक्को की उम्मीदों की आखिरी उम्मीद है।
आगे की राह: सेमीफाइनल का रास्ता
इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि जीतने वाली टीम को सेमीफाइनल में स्पेन या बेल्जियम में से किसी एक का सामना करना होगा। फ्रांस जहां अपनी बादशाहत कायम रखना चाहता है, वहीं मोरक्को इतिहास रचने और अफ्रीकी फुटबॉल के गौरव को एक नए स्तर पर ले जाने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।