मोरक्को के फ़ॉरवर्ड इस्माइल सैबारी को हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण फ्रांस के खिलाफ क्वार्टर‑फ़ाइनल में खेलने से बाहर कर दिया गया है। हेड कोच मोहम्मद उआहबी ने टीम की शैली में बदलाव न करने का इरादा जताया, जबकि फ्रांस अपना परिपूर्ण रिकॉर्ड बनाए रखे हुए है।
इस्माइल सैबारी की चोट ने मोरक्को के विश्व कप सफ़र को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। PSV एइंडहोवन के स्टार ने मोरक्को के 3‑0 जीत वाले राउंड‑ऑफ़‑१६ मैच में हैमस्ट्रिंग की चोट खाई, जिससे वह गुरुवार को फ्रांस के खिलाफ क्वार्टर‑फ़ाइनल में नहीं खेल पाएंगे। टीम के मुख्य कोच मोहम्मद उआहबी ने इस बात की पुष्टि की और कहा कि सैबारी अभी तक पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं।
सैबारी का टूरनमेंट में योगदान
टूर्नामेंट के दौरान सैबारी ने मोरक्को के हमले की रीढ़ की तरह काम किया। उन्होंने समूह चरण के सभी तीन मैचों में गोल किया और नेदरलैंड के खिलाफ पेनल्टी शूट‑आउट में निर्णायक पेनल्टी दागी। उनकी गति, ड्रिब्लिंग और फाइनल थर्ड‑क्वार्टर में गोल करने की क्षमता टीम के लिए अनिवार्य थी, जिससे उनका अभाव एक बड़ा खालीपन छोड़ता है।
उआहबी का रणनीतिक रवैया
एक प्रमुख खिलाड़ी के नुकसान के बावजूद, उआहबी ने मोरक्को की खेल शैली में कोई बदलाव नहीं करने का इरादा जताया। "मैच की तैयारी में कोई सरप्राइज़ नहीं होगा, हमें अपनी पहचान के साथ खेलना है," उन्होंने पत्रकारों से कहा। कोच ने गेंद की धैर्यपूर्ण रख‑रखाव और तेज़ मूवमेंट पर ज़ोर दिया, यह मानते हुए कि फ्रांस के खिलाफ यह ही सबसे बड़ी ताकत होगी। उन्होंने कहा, "हम बॉल को धैर्य से संभालेंगे और किनारों या सेंटर में जगह खोजेंगे जहाँ हम उन्हें चोट पहुंचा सकें।"
इतिहास और भविष्य की परिप्रेक्ष्य
2022 के विश्व कप में फ्रांस ने मोरक्को को 2‑0 से हराया था, लेकिन उआहबी का मानना है कि दोनों टीमें अब अलग‑अलग रूप में विकसित हुई हैं। "हर मैच अलग होता है, हमारी टीम भी अलग है और हम चार साल पहले की फ्रांसीसी टीम का सामना नहीं करेंगे," उन्होंने कहा। यह क्वार्टर‑फ़ाइनल न केवल मोरक्को के लिए इतिहास को फिर से लिखने का मौका है, बल्कि फ्रांस को लगातार तृतीय क्रम के सेमी‑फ़ाइनल में पहुँचने का लक्ष्य भी है।
फ़्रांस की ताकत और संभावित प्रभाव
फ़्रांस ने टूर्नामेंट में अब तक पाँच मैच बिना हार के जीते हैं और किलियन एम्बापे ने सात गोलों के साथ टीम को आगे बढ़ाया है। ओसमाने देम्बेले, माइकल ओलिसे और ब्रैडली बारकोला जैसे खिलाड़ी भी आक्रमण में गहराई जोड़ते हैं। फ्रेंच कोच डेस़शैंप ने मोरक्को को कम नहीं आँका, "वे जीतने के लिए यहाँ हैं," कहा। सैबारी की अनुपस्थिति से फ्रांस को कुछ हद तक राहत मिल सकती है, परंतु मोरक्को की दृढ़ता और रणनीति अभी भी एक बड़ा सवाल बने हुए हैं। विजेता अगले हाफ‑फ़ाइनल में स्पेन या बेल्जियम का सामना करेगा।